
ACB : निर्मला मीणा ने किया यह बड़ा खुलासा, अब रिमांड अवधि 22 मई तक बढ़ी
- तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के गबन का मामला
- गबन में नामजद आरोपियों के अलावा अन्य भूमिका से इनकार, वरिष्ठ आरएएस तलब
जोधपुर . करोड़ों रुपए के तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के गबन की आरोप में निलम्बित आइएएस निर्मला मीणा ने शुक्रवार को एसीबी की पूछताछ में गबन स्वीकार कर लिया। हालांकि उसने घोटाले में नामजद आरोपियों के अलावा किसी अन्य की भूमिका होने से इनकार किया है। वह खुद के अलावा तीन अन्य आरोपियों का ही नाम ले रही है। उधर, जयपुर में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ आरएएस अधिकारी मुकेश मीणा को एसीबी ने पूछताछ के लिए तलब किया है।निलम्बित आइएएस व तत्कालीन जिला रसद अधिकारी निर्मला दो दिन के रिमांड पर है। जांच अधिकारी व पुलिस निरीक्षक मुकेश सोनी ने शुक्रवार को भी गबन के बारे में पूछताछ की। वह कई सवालों को बीमारी का बहाना बनाकर टालती रही। उसने कई बार मौन साधा, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर घोटाला करना स्वीकार कर लिया।
एलडीसी व राशन डीलर संघ अध्यक्ष बने गवाह
तत्कालीन डीएसओ निर्मला ने मार्च 2016 में अचानक बीपीएल परिवार की संख्या में पैंतीस हजार की बढ़ोतरी बता तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के अतिरिक्त आवंटन की मांग की थी। इस पर जयपुर में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एलडीसी शिवप्रकाश शर्मा ने नोट शीट भरी थी। राशन डीलर एसोसिएशन (शहर) अनिल गहलोत के भी बतौर गवाह बयान दर्ज किए गए हैं। एसीबी ने गुरुवार व शुक्रवार को दोनों से पूछताछ की और बयान दर्ज कर छोड़ दिया।
आज और रिमांड मांगेगी एसीबी
आरोपी निर्मला ने गत 16 मई को एसीबी के समक्ष सरेंडर किया था। पूछताछ के दौरान बीमार होने, सिर दर्द, चक्कर आने के बहाने सवालों के जवाब पर चुप्पी साध रही है। रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर एसीबी शनिवार को उसे फिर कोर्ट में पेश करेगी और पांच दिन का रिमाण्ड और मांगेगी।
वरिष्ठ आरएएस अधिकारी मुकेश मीणा तलब
गेहूं के गबन की जांच कर रही एसीबी ने राज्य के वरिष्ठ आरएएस अधिकारी मुकेश मीणा को पूछताछ के लिए तलब किया है। मीणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में तत्कालीन उपायुक्त थे और वर्तमान में उसी विभाग के डीएलआर सेक्शन में पदस्थापित है। गेहूं आवंटन के मामले की जांच में मीणा की भी संदिग्ध भूमिका सामने आई है।
एसीबी के प्रमुख सवाल और मीणा के जवाब
सवाल : गेहूं का गबन करने में और कौन-कौन साथ थे ?
जवाब : निर्मला ने खुद के अलावा सुरेश उपाध्याय, स्वरूपसिंह राजपुरोहित व अशोक पालीवाल का नाम लिया। अन्य किसी के शामिल होने से इनकार कर दिया।
सवाल : गबन की कितनी राशि आपको मिली और कैसे मिली?
जवाब : निर्मला कुछ नहीं बोली।
सवाल : तैंतीस हजार क्विंटल गेहूं का गबन करने का षड्यंत्र कैसे रचा?
जवाब : निर्मला ने फिर चुप्पी साध ली।
Published on:
19 May 2018 12:30 pm
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