
बिलाड़ा : परिसीमन ने बिगाड़े धुरंधरों के समीकरण
बिलाड़ा (जोधपुर) . नगर पालिका के वार्डों का नए सिरे से हुए परिसीमन एवं जिला प्रशासन द्वारा वार्ड आरक्षण की लॉटरी निकालने के साथ ही राजनीतिक दलों के धुरंधरों को पसोपेश में डाल दिया है।
जो लोग अपने वार्ड को अपनी जीत के लिए मुफीद मान रहे थे उन्हें भी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती दिखाई दे रही है है। लॉटरी से वार्डों के बदले समीकरण से अब नए चेहरे भी पार्षद का चुनाव लडऩे का मानस बनाने लगे हैं।
प्रशासन ने भले ही नगरपालिका में सामान्य वर्ग का नगर अध्यक्ष बनने का रास्ता लाटरी के माध्यम से साफ किया है। लेकिन इस नगर पालिका में ओबीसी वर्ग से ही अध्यक्ष बनने की संभावना है।
पालिका के 35 में से 24 वार्ड ऐसे हैं जहां सीरवी एवं पटेल समाज का बाहुल्य है। ये दोनों जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)से आती हैं । इन दोनों जातियों के मतदाताओं में शुरू से ही भाजपा का वर्चस्व रहा है। यही कारण है कि नगर पालिका बोर्ड गठन के बाद 7 में से 5 बार भाजपा का बोर्ड बना है।
इस बार गत चुनाव से 3 हजार मतदाता अधिक
वर्ष 2015 में हुए नगर पालिका चुनाव में 27 हजार 513 मतदाताओं ने मतदान किया। जिनमें 14 हजार 112 पुरुष तथा 13 हजार 401 महिला मतदाता थे। इस बार 3 हजार से अधिक मतदाताओं का इजाफा हो चुका है। इस तरह बिलाड़ा नगरपालिका में बुधवार तक 30 हजार 110 मतदाता पंजीकृत थे। अंतिम मतदाता सूचियां जारी होने पर इसमें और भी बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
कृषि क्षेत्र में आबाद है अधिक मतदाता
नगर पालिका 102.25 किलोमीटर की परिधि में आबाद है। जिसका दो तिहाई हिस्सा खातेदारी कृषि भूमि में स्थित है। नगरीय क्षेत्र में लगभग 10 वार्डों की आबादी की रहती है, बाकी कृषि क्षेत्र में आबाद है।
जिले की यह पहली नगरपालिका है, जहां प्रत्येक कुआं डामरीकृत सड़क से जुड़ा हुआ है। जो दुर्गा देवी राठौड़ के कार्यकाल में ही संभव हुआ, और तभी से यह सिलसिला चला और अब तक शेष कृषि फार्मों को भी पक्की सड़क से जोड़ा जा चुका है। फार्मों पर मतदाताओं की अधिक संख्या के चलते उन क्षेत्रों में सरकारी स्कूल भी बने हुए हैं। जो चुनाव के समय मतदान केंद्र के रूप में काम आते हैं। वार्ड वासी इन सरकारी स्कूलों में भामाशाह के रूप में करते हैं।
संघ का रहा है वर्चस्व
नगर पालिका क्षेत्र में सरकारी स्कूलों से कई गुना अधिक ज्यादा यहां निजी स्कूल हैं और इन निजी स्कूलों के संचालक आदर्श विद्या मंदिर परिपाटी से ही अपने स्कूल चलाते हैं। यही कारण है कि इन स्कूलों में पढ़े विद्यार्थियों को संघ के संस्कारों की घुट्टी मिलती रही है। ऐसे में विद्यालयों-महाविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त लड़के-लड़कियों में से अधिकांश संघ विचारधारा से ओतप्रोत रहने से उनका परिवार भी भाजपा से प्रभावित रहा है। यही कारण है कि पिछले 4 दशक में हुए लोकसभा, विधानसभा और नगर पालिका चुनाव में नगर पालिका क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी को 10 से 12 हजार मतों की बढ़त मिलती रही है। सरकारी आंकड़े भी इसी तथ्य की पुष्टि करते हैं।
इस बार कांग्रेसी विधायक और उनकी सरकार
वर्तमान में राज्य में अशोक गहलोत की सरकार है और बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के हीराराम मेघवाल विधायक हैं। विधायक के पूरे प्रयास रहेंगे कि इस नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बने। विधायक अभी से पालिका के कांग्रेस जनों से बराबर संपर्क बनाए हुए हैं। वे अब तक महत्वपूर्ण बैठकें ले चुके हैं। लेकिन सांसद पीपी चौधरी, पूर्व मंत्री अर्जुनलाल गर्ग, पूर्व मंत्री मिश्रीलाल चौधरी और नगर अध्यक्ष बाबूलाल राठौड़ भी पालिका के विभिन्न वार्डों में अपने जिताऊ प्रत्याशियों की खोज में जुट चुके हैं।
Published on:
15 Oct 2020 08:48 am
