
जोधपुर।
नामांक प्रक्रिया में एक छोटी सी भी गलती प्रत्याशी के पूरे राजनीतिक करियर पर पानी फेर सकती है। ऐसी ही एक गलती जोधपुर लोकसभा सीट ( lok sabha election 2019 ) के उम्मीदवार और केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ( gajendra singh shekhawat ) के नामांकन में हो गई जिससे उनका नामांकन खारिज कर दिया है। शेखावत ने चार नामांकन दाखिल किए थे जिनमें से एक नामांकन में कुछ कमी पाई गई जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने उसे खारिज कर दिया है।
बुधवार को निर्वाचन आयोग ने बाड़मेर के बसपा उम्मीदवार और पूर्व आईपीएस पंकज चौधरी (IPS Pankaj Choudhary) का नामांकन भी खारिज कर दिया गया जिसके चलते अब वे चुनावी रण से बाहर हो गए हैं। ऐसे में गनीमत यह रही कि गजेन्द्र सिंह शेखावत मैदान में डटे हुए है क्योंकि शेखावत की ओर से निर्वाचन अधिकारी के समक्ष चार नामांकन पेश किए गए है।
वहीं दूसरी ओर जिला निर्वाचन अधिकारी ने जोधपुर लोकसभा सीट से अशोक गहलोत के पुत्र और कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत के नामांकन के खिलाफ की गई आपत्ति को खारिज कर दिया है। बीजेपी पदाधिकारियों का आरोप था कि वैभव गहलोत ने अपने खिलाफ चल रहे मामले को नामांकन पत्र में नहीं बताया है।
बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से बसपा से चुनाव लड़ रहे पूर्व आईपीएस पंकज चौधरी को निर्वाचन विभाग ने बड़ा झटका देते हुए उनका नामांकन निरस्त कर दिया। जानकारी के मुताबिक बसपा प्रत्याशी पंकज चौधरी ने नामंकन पत्र में सेवा से बर्खास्तगी के सबन्ध में निर्वाचन विभाग से सर्टिफिकेट नहीं लगाया गया था जिसके चलते नामांकन पत्र निरस्त किया गया है। गौरतलब है कि पंकज चौधरी ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया था। इस सीट से कांग्रेस से मानवेन्द्र सिंह और भाजपा से कैलाश चौधरी मैदान में हैं।
Published on:
11 Apr 2019 11:33 am
