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बागियों का समर्थन पाने में लगी रही भाजपा, अंतिम समय में कांग्रेस आक्रामक

- भाजपा में जहां महापौर के दावेदार वहां खतरा कम करने के लिए बैठाई जुगत  
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Municipal elections 2019: दोनों प्रमुख दल भाजपा-कांग्रेस को नही मिला बहुमत, निर्दलीयों के हाथों में सभापति चयन की कमान

Municipal elections 2019: दोनों प्रमुख दल भाजपा-कांग्रेस को नही मिला बहुमत, निर्दलीयों के हाथों में सभापति चयन की कमान

जोधपुर.
नगर निगम उत्तर के बाद दक्षिण पर कब्जा करने के लिए अंतिम समय तक दोनों दलों ने अपनी गणित लगाई। भाजपा इस निगम पर शुरू से ही फोकस किए हुए थी और यहां कई महिला नेताओं ने अपने आप को महापौर का दावेदार भी मान लिया। वहीं कांग्रेस ने अंतिम समय में आक्रामक होकर भाजपा की इस आसान राह को बिगाडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ी। अंतिम समय में रालोपा के हनुमान बेनीवाल ने सक्रिय होकर कई सीटों का समीकरण बिगाडऩे में कोई कसर नहीं छोड़ी।

नगर निगम दक्षिण के चुनाव में समीकरण बिगाडऩे के लिए बागियों की एक पूरी फौज है। वार्ड संख्या 5, वार्ड 26, वार्ड 34, वार्ड 46, 68, वार्ड 72 और वार्ड 78 में बागी मैदान में है। इसके अलावा वार्ड संख्या 1, 16, 71, 77, 22 और 67 में भी ज्यादा प्रत्याशी होने से परिणाम प्रभावित हो सकता है। दक्षिण नगर निगम में कांग्रेस की महापौर की दावेदार माने जाने वाली भारती शर्मा भी चुनाव मैदान में है। दूसरी ओर बड़े चेहरे में नगर निगम के पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष गणपतसिंह चौहान, आईदान राम, योगेश गहलोत और दौलतसिंह सांखला चुनाव मैदान में है। इन नामों पर कई बड़े नेताओं की साख दांव पर हैं। भाजपा में इंद्रा राजपुरोहित, वनिता सेठ, नीलम मूंदड़ा, भंवर कंवर जैसी महिलाएं महापौर पद की दौड़ में है। इसी प्रकार पुराने नेताओं में किशनलाल लड्ढा, अमरलाल वर्गी, रेवतसिंह इंदा और प्रदीप बेनीवाल जैसे नाम भी मैदान में हैं।

12 वार्ड में सीधी लड़ाई

कांग्रेस और भाजपा में 12 वार्डों में सीधी लड़ाई है। इसके अलावा 25 वार्डों में तीन-तीन प्रत्याशी हैं। 21 वार्डों में चार-चार उम्मीदवारों के बीच लड़ाई है। 13 वार्ड ऐसे हैं जहां पांच-पांच प्रत्याशी है। एक वार्ड में छह, छह वार्डों में सात-सात और दो वार्डों में आठ-आठ प्रत्याशी मैदान में है।
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कोविड गाइड लाइन पालना की मशक्कत
चुनाव में मतदान दलों व सुरक्षाकर्मियों को कोविड गाइड लाइन पालना करवाने की ही सीख दी गई है। उत्तर निगम में मास्क और सेनेटाइजर पर अच्छा काम हुआ। काफी हद तक सोशल डिस्टेंसिंग भी रखी गई। लेकिन कई क्षेत्रों में इस नियम को तार-तार कर दिया गया। चूंकि अब चुनाव शहर के आउटर क्षेत्र में है। ऐसे में नियमों की पालना बेहतर होने की उम्मीद है।

यहां है आदर्श बूथ

नगर निगम दक्षिण के लिए नवीन शिशु स्कूल मसूरिया, मौलाना आजाद स्कूल, सरदार चिल्ड्रन स्कूल, केवी नंबर 1 एयर फोर्स, सेंट पैट्रिक स्कूल और नीरजा मोदी स्कूल को मॉडल बूथ के रूप में चिन्हित किया गया है। यहां मतदाता सहायता केंद्र, प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे साथ ही छाया पानी की व्यवस्था की जाएगी।