कोरोना संक्रमण के बीच फंगस का ‘काला’ साया

कोरोना का पता ही नहीं चला, लेकिन ब्लैक फंगस हो गया

By: Jay Kumar

Updated: 28 May 2021, 07:09 PM IST

जोधपुर. संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीज बड़ी संख्या में भर्ती हो रहे है। हर रोज २-४ नए केस सामने आ रहे हैं। ४-५ का ऑपरेशन कर जबड़ा, साइनस की सफाई आदि जैसे कार्य किए जा रहे है। अब तक भर्ती ४० से ज्यादा रोगियों में ४-५ मरीज एेसे भी सामने आए हैं, जिनको अस्पताल आने के बाद पता चला कि उन्हें कोरोना हो गया है और उसके बाद ब्लैक फंगस बीमारी ने भी घेर लिया है। ये मरीज इतना भी नहीं जानते हैं कि उन्होंने कोरोना के दौरान कौनसी-कौनसी दवाइयों का सेवन किया। ये बातें चिकित्सकों की ओर से मरीजों की खंगाली जा रही हिस्ट्री में सामने आ रही है। एेसे रोगियों का इलाज भी चिकित्सकों के लिए पूरी तरह से चैलेंज बन चुका है।

११ लोग एेसे भी आए, जिन्होंने कोविड टेस्ट नहीं कराया
ब्लैक फंगस को लेकर निकाली गई हिस्ट्री में ११ लोग एेसे भी सामने आए हैं, जिन्होंने कोरोना टेस्ट तक नहीं करवाया है। हालांकि इन्होंने अपना ट्रीटमेंट बता दिया था। उसी हिसाब से फिर चिकित्सकों ने ट्रीटमेंट शुरू कर दिया।

बिना परामर्श के ले ली दवाइयां
कई मरीजों ने चिकित्सकों के बिना परामर्श के ही अपने निकटतम मेडिकल स्टोर पर सलाह लेकर दवाइयां खा ली। कइयों ने जरूरत से ज्यादा स्टुराइड ले लिया। इस कारण उन्हें मधुमेह रोग के साथ ब्लैक फंगस की भी मार झेलनी पड़ गई।

इनका कहना हैं...
कोरोना में किसी प्रकार का ट्रीटमेंट बगैर डॉक्टर की सलाह के न लें, विशेषकर बाजार से सीधे दवाइयां खरीदकर न लाएं। अस्पताल में कोविड पॉजिटिव के भी ऑपरेशन हो रहे है।
- डॉ. महेन्द्र चौहान, एसोसिएट प्रोफेसर, इएनटी विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

Jay Kumar
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