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युवक के समर्पण करने पर भाई ने फायरिंग का लगाया आरोप

- लग्जरी कार को लेकर बदमाशों के बीच विवाद में अपहरण कर पांच लाख मांगे
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युवक के समर्पण करने पर भाई ने फायरिंग का लगाया आरोप

युवक के समर्पण करने पर भाई ने फायरिंग का लगाया आरोप

जोधपुर.
पशु आहार के व्यापारी को हनी ट्रैप में फंसाकर पांच लाख रुपए वसूलने के मामले में आदूराम के गिरफ्तार होते ही उसके भाई ने प्रतापनगर थाने में एक युवती और कुछ लोगों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई है। उसका आरोप है कि गत दो फरवरी को लादूराम का अपहरण किया गया और छोड़ने के बदले पांच लाख रुपए की मांग की गई थी। फिर तीन लाख रुपए लेकर उसे छोड़ा और लादूराम के पैर पर गोली भी मार दी।

थानाधिकारी अमित सिहाग के अनुसार चौहाबो थाना पुलिस ने शुक्रवार को बालेसर उपखण्ड में चामूं तहसील के गोदेलाई निवासी आदूराम उर्फ आदिल पुत्र गोरधनराम जाट को रामनिवास माहेश्वरी को हनी ट्रैप में फसाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कुछ देर बाद आदूराम का भाई दौलाराम प्रतापनगर थाने पहुंचा और संतोड़ा निवासी किशनाराम, जानादेसर निवासी भानू देवासी, धवा निवासी सुभाष बिश्नोई, नीटू जाट व एक युवती पर भाई का अपहरण कर मारपीट, पांच लाख रुपए फिरौती मांगने, तीन लाख रुपए वसूलने और पांव में गोली मारने का मामला दर्ज कराया।

आरोप है कि दो फरवरी की शाम आदूराम, रामूराम व महेन्द्र बस में आ रहे थे। कायलाना चौराहे के पास कार में आए आरोपियों ने बस रोकी और आदूराम को नीचे उतार अपहरण कर ले गए। कार में तेल भराकर वे बंबोर की तरफ गए, जहां होटल पर हवा में गोली चलाई। नशे में कार एक दीवार से टकराई तो उसमें आग लगा दी। फिर दूसरी कार मंगाकर आदूराम को सुनसान जगह ले गए, जहां छोडऩे के बदले पांच लाख रुपए मांगे। आरोपियों ने मोबाइल पर उसके भाई से बात कराई। इस दौरान सुभाष ने पांव में गोली मार दी। जो मोबाइल पर भाई को भी सुनाई दी। तब वो तीन लाख रुपए देने का राजी हुआ। रुपए देने के लिए उसे भैरूजी चौराहा बुलाया था, जहां उसने रुपए सौंपे थे। तब आदूराम को सडक़ पर पटककर सभी भाग गए थे। पुलिस का कहना है कि अपहरण के आरोपियों व आदूराम में लग्जरी कार को लेकर विवाद है।
प्राइवेट अस्पताल में कराया उपचार

हनी ट्रैप में वांछित आदूराम को पुलिस ढूंढ रही थी। इसलिए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई। पहले आरोपियों ने एक निजी अस्पताल में चिकित्सक को हथियार से डरा-धमकाकर आदूराम का उपचार कराया था।