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कृष्ण जन्मोत्सव पर 27 साल बाद बुधाष्टमी व सर्वार्थसिद्धि योग

  ज्योतिषियों के अनुसार इस बार दो दिन अष्टमी, उदित तिथि के कारण 12 को जन्माष्टमी मनाया जाना श्रेष्ठ
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कृष्ण जन्मोत्सव पर 27 साल बाद बुधाष्टमी व सर्वार्थसिद्धि योग

कृष्ण जन्मोत्सव पर 27 साल बाद बुधाष्टमी व सर्वार्थसिद्धि योग

जोधपुर . भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा । दरअसल , इस बार अष्टमी तिथि दो दिन 11 और 12 अगस्त को विद्यमान रहेगी , इसलिए पर्व को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है । जोधपुर के प्रमुख ज्योतिषियों का कहना है कि अष्टमी तिथि 12 अगस्त को उदित तिथि में विद्यमान रहेगी , इसलिए इसी दिन पर्व मनाना शुभ और फलदायी रहेगा । ज्योतिषियों के अनुसार अष्टमी तिथि 11 अगस्त को सुबह 9.04 पर आएगी । निर्णय सागर के अनुसार अष्टमी तिथि 12 अगस्त को 11.16 तक विद्यमान रहेगी । इस दिन कृतिका नक्षत्र रहेगा , जबकि मध्यरात्रि में रोहणी नक्षत्र आएगा । इस लिहाज से 12 अगस्त के दिन ही यह पर्व मनाना श्रेष्ठ फलदायी रहेगा । शहर के अधिकांश प्रमुख कृष्ण मंदिरों में 12 अगस्त को ही जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा । कटला बाजार स्थित कुंज बिहारी मंदिर में केवल पुजारियों की ओर से 12 अगस्त को जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। चोपासनी स्थित श्याम मनोहर प्रभु मंदिर में भी 12 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। मंदिर समिति के सोहनलाल जैसलमेरिया ने बताया कि 13 अगस्त को सुबह पुजारियों की ओर से नंदोत्सव मनाया जाएगा लेकिन मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश निषेध रहेगा।

बुधवार को हुआ था कृष्ण का जन्म
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को इस बार सर्वार्थ सिद्घि योग बनने से पर्व की और महत्ता और भी बढ़ जाएगी। गर्ग पंचांग के पंडित मोहनलाल गर्ग के अनुसार इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 12 अगस्त को सर्वार्थ सिद्धि का योग बन रहा है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी बुधवार के दिन हुआ था। वर्ष 1993 के बाद अब 27 साल बाद जन्माष्टमी को ऐसा संयोग पुन:12 अगस्त के दिन बना है। यह योग साधकों की मनोकामना पूरी करने वाला होगा।