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महंत के निधन पर व्यवसाइयों ने बंद रखा आधे दिन का कारोबार

- जयकारों से दी संत भाऊ कन्हैयालाल को अंतिम विदाई- वैकुंठी में शामिल हुए हजारों लोग
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जोधपुर

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Amit Dave

Jul 30, 2022

महंत के निधन पर व्यवसाइयों ने बंद रखा आधे दिन का कारोबार

महंत के निधन पर व्यवसाइयों ने बंद रखा आधे दिन का कारोबार

जोधपुर।

संत शिरोमणि भाऊ रामचंद्र मार्ग सरदारपुरा 11वीं सी रोड स्थित बाबा रामापीर मंदिर के महंत भाऊ कन्हैयालाल (72) को नम आंखों से विदाई दी गई। शनिवार को मंदिर से 'जब तक सूरज चांद रहेगा, भाऊ तेरा नाम रहेगा' आदि बाबा के जयकारों से वैकुंठी यात्रा निकाली गई। फूलों से सजे मिनी ट्रक में बाबा के शव को रखा गया और बैंड बाजों से बाबा के भजनों के बीच सरदारपुरा मुख्य बाजार से शव यात्रा निकाली गई। शव यात्रा सिवांची गेट संत लीला शाह सिन्धी स्वर्गाश्रम पहुंची और दोपहर करीब 2 बजे दाह संस्कार संस्कार किया गया । स्वर्गाश्रम में उनके गुरु भाऊ रामचंद्र की समाधि पर नमन करने के बाद उनके दोनों बेटों ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों सहित महिलाएं भी साथ चल रही थी।
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देश-विदेश से पहुंचे अनुयायी
बाबा के अंतिम दर्शन के लिए देश-विदेश से अनुयायी मंदिर पहुंचे व पुष्पांजलि देकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहर के विभिन्न मंदिरों, पंचायतों, गुरुद्वारों, मठों के प्रमुख,जनप्रतिनिधियों, निगम अधिकारियों, उद्यमियों ने भाऊ कन्हैयालाल को पुष्पमालाएं अर्पित कर अंतिम विदाई दी। बाबा शुक्रवार को ब्रह्मलीन हो गए। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। शुक्रवार को सुबह 6.30 उन्होंने अंतिम सांस ली। भाऊ का पार्थिव शरीर मंदिर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। शुक्रवार सुबह से ही अंतिम दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।

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23सितंबर 1991को बने थे गादीपति

पूर्व गादीपति संत शिरोमणि भाऊ रामचंद्र ब्रह्मलीन हो जाने के बाद 23सितंबर 1991 को गादीपत बने थे। बाबा के निधन पर समाज के व्यवसाइयो ने आधा दिन का कारोबार बंद रखा।