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सोशल मीडिया पर लगाई ‘पुकार’ और खड़ी हो गई टीम

- 200 युवाओं की टीम बनी जो हर दिन स्ट्रीट डॉग्स को करती है रेस्क्यू
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सोशल मीडिया पर लगाई ‘पुकार’ और खड़ी हो गई टीम

सोशल मीडिया पर लगाई ‘पुकार’ और खड़ी हो गई टीम

अविनाश केवलिया. जोधुपर।
घरों के आस-पास गायों को माता मान कर हम सभी सेवा करते हैं, लेकिन स्ट्रीट डॉग्स ज्यादातर तिरस्कार का ही सामना करते हैं। स्ट्रीट डॉग वेलफेयर या इनका ध्यान रखने के लिए कोई पुख्ता व्यवस्था भी नहीं है। इसीलिए युवाओं की टीम ने इस काम को साधने का बीड़ा उठाया। सोशल मीडिया पर पुकार लगाई और वर्तमान में 200 से ज्यादा स्वैच्छिक वॉलंटियर्स की पुकार टीम खड़ी हो गई।

हम बात कर रहे हैं, ऐसी युवाओं की टीम की, जो शहर में कहीं भी बीमार या प्रताडि़त स्ट्रीट डॉग होता है उसकी सहायता के लिए पहुंच जाते हैं। इनमें से अधिकांश स्टूडेंट्स हैं जो खुद राशि जोड़ कर इन डॉग्स का इलाज करवाते हैं। इन गु्रप के फाउंडर जतिन सोलंकी बताते हैं क् िबीमार स्ट्रीट डॉग को देखकर उन्होंने यह बीड़ा उठाया। पहले दोस्तों के साथ चार-पांच जनों की टीम बनाई। शुरुआत में डॉग्स को रेस्क्यू किया तो उनकी जान नहीं बचा पाए। इसके बाद सोशल मीडिया से ही वेटनेरी इलाज व दवाइयों की जानकारी ली, इसके बाद टीम में लोग जुड़ते गए।
अब शेल्टर होम है लक्ष्य

युवाओं की इस टीम ने रेस्क्यू व दवाइयों की व्यवस्था तो कर ली। अब इनका लक्ष्य प्रशासन की मदद से रेस्क्यू सेंटर खोलना है। जहां डॉग्स के साथ अन्य जानवरों का उपचार हो सके। इसके लिए चिकित्सक की व्यवस्था भी करेंगे।
अब 200 लोगों की टीम

10 लोगों से शुरू कर ‘पुकार’ की टीम अब 200 लोगों की हो चुकी है। को-फाउंडर मोना पंवार, दिव्यदीप गेरा, राहुल ओझा, सिमरन जैन बताते हैं कि सोशल मीडिया पर ही घायल डॉग्स की जानकारी मिलती है। इसके बाद हर क्षेत्र में वॉलंटियर है, जिन तक जानकारी पहुंचा कर तुरंत मदद करने का प्रयास करते हैं। मयंक अग्रवाल, रक्षा बोहरा, निकिता जोशी, ईशा डागर, वीनस माथुर, आशीष बोराणा, जयंत ओझा, दिव्यांशु और पुनीत राजपूत सहित डॉक्टर्स, एडवोकेट, बिजनेसमैन सहित स्टूडेंट्स की टीम है जो निस्वार्थ भाव से जुड़ी है।