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केंद्रीय सहकारी बैंक पाली ने दिवाली बाद बांटे 2.38 लाख के 17 मोबाइल, अब वसूली के निर्देश

केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) पाली की ओर से तीन साल पहले दिवाली के बाद संचालक मण्डल के सदस्यों, बैंक के प्रबंध निदेशक और उप रजिस्ट्रार को तोहफे में दिए 2.38 लाख रुपए के मोबाइल प्रबंधन के गले की घंटी बन गए हैं।
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Central co-operative bank pali distributed mobile phones to employees

केंद्रीय सहकारी बैंक पाली ने दिवाली बाद बांटे 2.38 लाख के 17 मोबाइल, अब वसूली के निर्देश

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) पाली की ओर से तीन साल पहले दिवाली के बाद संचालक मण्डल के सदस्यों, बैंक के प्रबंध निदेशक और उप रजिस्ट्रार को तोहफे में दिए 2.38 लाख रुपए के मोबाइल प्रबंधन के गले की घंटी बन गए हैं। शिकायत के बाद यह मामला सामने आने पर राज्य सरकार ने बैंक की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को नियम विरुद्ध मानते हुए खारिज कर दिया। साथ ही बैंक के एमडी को निर्देश दिए हैं की सरकारी कर्मचारियों (तत्कालीन एमडी और उप रजिस्ट्रार) व संचालक मण्डल के सदस्यों से मोबाइल वापस लेकर उन्हें निस्तारित कर राशि बैंक में जमा कराए जाए।

हालांकि दोषियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। पाली केंद्रीय सहकारी बैंक ने 8 नवम्बर, 2016 को संचालक मण्डल की बैठक में प्रस्ताव पास कर बैंक के संचालक मण्डल के 14 सदस्यों, तत्कालीन एमडी भवानीसिंह कविया, उनके निजी सहायक और पाली के तत्कालीन उप रजिस्ट्रार महावीरप्रसाद सोनी को मोबाइल व सिम दिलाई गई। प्रत्येक मोबाइल की कीमत 14 हजार रुपए थी। बहाना बनाया गया कि मोबाइल के जरिये सहकारिता का प्रचार-प्रसार किया जाएगा और जिले की समितियों के अध्यक्षों व व्यवस्थापकों से फसली ऋण, बीमा, खाद व बीज की व्यवस्था के लिए तालमेल बढ़ाया जाएगा। यह भी कहा गया था कि संचालक मण्डल भंग होने पर मोबाइल बैंक में जमा करा दिए जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

जोधपुर के तत्कालीन अतिरिक्त रजिस्ट्रार सोहनलाल लखानी ने शिकायत की जांच के बाद प्रस्ताव नियम विरुद्ध पाया गया। यह भी पाया गया कि बैंक में राज्य सरकार के प्रतिनिधि व एमडी भवानीसिंह कविया ने संचालक मण्डल को ऐसा प्रस्ताव पारित करने से टोका तक नहीं, बल्कि मोबाइल भी ले लिया। लखानी ने राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 की धारा 125 का प्रयोग करते हुए प्रस्ताव अप खण्डित कर दिया और इसकी वसूली के निर्देश दिए जो अब तक नहीं हो पाई है।

मोबाइल, लैपटॉप, टेबलेट नहीं दे सकते
सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार द्वारा 2 जुलाई 2015 को जारी सर्कुलर के अनुसार सकारी संस्थाओं में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापित राज्य/विभागीय अधिकारी/कर्मचारी एवं संस्था के कर्मचारी/पदाधिकारी को मोबाइल, लेपटॉप, टेबलेट, आइपैड इत्यादि उपकरण उपलब्ध नहीं करा सकते हैं। पाली बैंक ने इस सर्कुलर की अनदेखी की।

मोबाइल दिलाना गलत था, होगी वसूली
सीसीबी पाली ने अब तक मोबाइल वसूल नहीं किए हैं। हमने उनको पत्र जारी कर कार्यवाही के बारे में पूछा है। मोबाइल दिलाना गलत था।
धनसिंह देवल, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जोधपुर