राजस्थान हाईकोर्ट उद्घाटन में पहुंचे सीजेआई बोबड़े, कहा बदले की भावना से किया गया न्याय खो देता है चरित्र

राजस्थान हाईकोर्ट के नए, भव्य और आधुनिक भवन का उद्घाटन शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े सहित कई न्यायाधीश, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्रीगण, सांसद और जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के नए, भव्य और आधुनिक भवन का उद्घाटन शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े सहित कई न्यायाधीश, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्रीगण, सांसद और जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

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इस दौरान अपने उद्बोधन में सीजेआई बोबड़े ने कहा कि देश में हुई हाल की घटनाओं ने पुरानी बहस को नए जोश के साथ छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि न्याय प्रणाली को आपराधिक मामलों को निपटाने के लिए अपनी स्थिति, ढिलाई और अंतिम समय के प्रति दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि न्याय कभी भी आनन-फानन में किया नहीं जाना चाहिए।

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यदि न्याय बदले की भावना से किया जाए तो अपना मूल चरित्र खो देता है। जस्टिस बोबड़े ने कहा कि न्याय कभी जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता है और इसे जल्दबाजी में किया भी नहीं जाना चाहिए। यदि न्याय बदले की भावना से किया जाता है तो अपना मूल स्वरूप खो देता है। न्याय को कभी भी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि न्यायपालिका को खुद को सही करते रहना चाहिए।

Harshwardhan bhati
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