11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Child education: प्रदेश में शिक्षा से वंचित हुए साढ़े सात हजार से ज्यादा बच्चे

Child education: प्रवेशोत्सव के प्रथम चरण में चिन्हित अनामांकित व ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल लाने के होंगे प्रयास
2 min read
Google source verification
 Child education: प्रदेश में शिक्षा से वंचित हुए साढ़े सात हजार से ज्यादा बच्चे

Child education: प्रदेश में शिक्षा से वंचित हुए साढ़े सात हजार से ज्यादा बच्चे

Child education: जोधपुर. शिक्षा विभाग के प्रवेशोत्सव के प्रथम चरण में सामने आया है कि प्रदेश के 33 जिलों में 7,779 बच्चे शिक्षा से वंचित चल रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इनको विभिन्न भागों में बांटते हुए अब शिक्षा विभाग से जोड़ने के आदेश दिए हैं। इस बात की पुष्टि शिक्षा विभाग के शाला दर्पण पोर्टल पर इंद्राज किए गए विभिन्न जिलों की रिपोर्ट में हुई है। जो बच्चे ड्रॉपआउट होने के बाद अभी विभाग की पकड़ में आए हैं, ऐसे बच्चों की संख्या 1904 हैं।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल ने हाल ही में सभी जिलों के मुख्य जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र लिख कहा है कि अनामांकित, ड्रॉपआउट व नवीन प्रवेशित बालक-बालिकाओं की प्रतिदिन प्रविष्टि की जाए। उन्होंने चिंता जताई कि कई जिलों में इस कार्य में उदासीनता अपनाई जा रही है। शाला दर्पण पर अंकित डेटा को ही फाइनल मानते हुए प्राप्त रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी। वास्तवित स्थिति व शाला दर्पण की रिपोर्ट में अंतर पाया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

5585 बच्चे कभी स्कूल ही नहीं गए
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश में 5585 ऐसे बच्चे मिले हैं, जो कभी स्कूल गए ही नहीं। बीकानेर जिले में 1225 ऐसे सर्वाधिक बच्चे मिले हैं। इनमें 635 बालक और 590 बालिकाएं शामिल हैं। भीलवाड़ा में 597, कोटा जिले में 501, उदयपुर में 450 ऐसे बच्चे मिले हैं। चूरू जिले में ऐसी संख्या शून्य सामने आई हैं। कभी शिक्षा की मुख्यधारा से नहीं जुड़ने वाले बच्चों में डूंगरपुर में 58 मिले। बीकानेर-प्रतापगढ़ में 35-35 मिले हैं।


जयपुर-जोधपुर के हालात
राजधानी जयपुर की बात की जाए ड्रॉप आउट पहचान लिए गए में आंकड़ा 3 हैं। शिक्षा से नहीं जुड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 45 और मुख्यधारा से नहीं जुड़ने वालों की संख्या शून्य रही है। प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में पकड़ में आ चुके ड्रॉप आउट बच्चे 14 हैं। शिक्षा से नहीं जुड़ने वाले बालक-बालिकाओं की संख्या 39 हैं। यहां भी शिक्षा की मुख्यधारा से नहीं जुड़ने वाले बच्चों की संख्या शून्य हैं।

प्रदेश की फैक्ट फाइल
ड्रॉप आउट पहचान लिए गए-
बालक-1012
बालिका- 892
कुल-1904

मुख्यधारा से ड्रॉपआउट
बालक-8
बालिका-21
कुल-29

कभी स्कूल नामांकित नहीं हुए
बालक-2894
बालिका- 2691
कुल-5585

कभी शिक्षा की मुख्यधारा से नहीं जुड़े
बालक-128
बालिका- 133
कुल- 261