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अनूठा मामला : ढाई साल की उम्र में बाल विवाह में फंसी, अब 18 साल बाद हुई आजाद

- पारिवारिक न्यायालय में बाल विवाह निरस्त  
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अनूठा मामला : ढाई साल की उम्र में बाल विवाह में फंसी, अब 18 साल बाद हुई आजाद

अनूठा मामला : ढाई साल की उम्र में बाल विवाह में फंसी, अब 18 साल बाद हुई आजाद

जोधपुर. महज ढाई साल की मासूम Child Marriage की बेड़ियों में बंध गई। 18 साल तक कई कष्ट झेले, अब सारथी ट्रस्ट की मदद से बाल विवाह के बंधन से मुक्ति पाई। जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने समाज को बाल विवाह के खिलाफ कड़ा संदेश देकर यह बाल विवाह निरस्त किया है।

तिंवरी तहसील निवासी दैनिक मजदूही करने वाले की 21 वर्षीय पुत्री समता का वर्ष 2003 में बाल विवाह ओसियां तहसील निवासी युवक के साथ करवा दिया गया था। बाल विवाह के समय वह महज ढाई साल की ही थी। कुछ सालों पूर्व बालिका वधु के ससुराल वालों ने लगातार गौना कर विदा करने का दबाव बनाया। इससे बीएड में अध्ययनरत समता खुद के शिक्षक बनने के ख्वाब टूटते देखकर अवसाद में आ गई। अवसाद की स्थिति में सहपाठी मित्र रेखा ने हौसला दिलाया। रेखा के प्रयास से सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. कृति की पीडि़ता से मुलाकात हुई। इसके बाद काउंसलिंग की गई और न्यायालय में वाद लगाया।

समाज को दिया कड़ा संदेश

पीडि़ता की ओर से डॉ. भारती ने पारिवारिक न्यायालय में पैरवी करते हुए बाल विवाह और आयु प्रमाण के तथ्यों से अवगत करवाया। जिस पर पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने करीब 18 साल पहले समता के ढाई साल की उम्र में हुए बाल विवाह को निरस्त करने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया।
अब तक 46 बाल विवाह निरस्त करवाए
गौरतलब है कि बाल विवाह निरस्त की अनूठी मुहिम में जुटे सारथी ट्रस्ट की डॉ. कृति भारती ने ही देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाया था। इसके बाद अब तक 46 बाल विवाह निरस्त करवाए व 1500 से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं। 2015 में तीन दिन में दो बाल विवाह निरस्त करवाकर भी इतिहास रचा था।

खुशी से उछल पड़ी
बाल विवाह निरस्त का आदेश सुनाने के साथ ही समता व उसकी मित्र रेखा खुशी से उछल पड़ी। उसने कहा कि कृति दीदी की मदद से बाल विवाह के खिलाफ जंग जीत गई। अब मैं आजाद होकर अपने शिक्षक बनने के सपने को पूरा कर पाऊंगी।

समता का बाल विवाह निरस्त होने के बाद अब उसके शिक्षक बनने के सपने को पूरा करने और बेहतर पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. कृति भारती, मैनेजिंग ट्रस्टी सारथी ट्रस्ट