World Earth Day: बच्चों, तुमने मेरे लिए भी ऑक्सीजन नहीं छोड़ी, मेरा भी दम घुट रहा है

World Earth Day Special

- लॉकडाउन के कारण गत वर्ष अपे्रल में जोधपुर की हवा हो गई थी शुद्ध, इस बार फिर वही वायु प्रदूषण

By: Gajendrasingh Dahiya

Updated: 22 Apr 2021, 07:33 PM IST

जोधपुर. मनुष्य तो क्या धरती को भी सांस लेने में मशक्कत करनी पड़ रही है। मानव ने औद्योगिकरण और मशीनीकरण से हवा को इतना अशुद्ध कर दिया है कि उसमें ऑक्सीजन की सांद्रता घट गई है। गत वर्ष अप्रेल में संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान धरती ने कई लंबी-लंबी सांसें खींची थी। नाइट्रोजन के ऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड, अमोनिया, मिथेन, बेंजीन, टालुईन, कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड और धूल कणों की मात्रा आधी रह गई थी, जिसके कारण हर रात को सौर मण्डल के कई ग्रह भी नंगी आंखों से नजर आ रहे थे लेकिन इस साल हवा पिछले सालों की तुलना में फिर से प्रदूषित हो गई। अप्रेल 2020 की तुलना में अप्रेल 2021 में सभी वायु प्रदूषक हवा में दुगुनी मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे में सामान्य इंसान को भी शुद्ध ऑक्सीजन नसीब नहीं है।

इसलिए कृत्रिम ऑक्सीजन की जरूरत
दरअसल वातावरण में वायु प्रदूषकों की भरमार होने के कारण ऑक्सीजन की सांद्रता कम हो जाती है। नाक से अंदर जाने वाली वायु में तुलनात्मक तौर पर ऑक्सीजन कम जाती है और फेफड़ों को भी कम मिलती है। एक सामान्य मनुष्य प्रति मिनट 7 से 8 लीटर वायु फेफड़ों से खींचता है। इसमें 20 प्रतिशत ऑक्सीजन होती है। वापस 15 प्रतिशत ऑक्सीजन बाहर छोड़ता है और 5 प्रतिशत का उपयोग करता है। हवा में वायु प्रदूषक अधिक होने से फेफड़ों के अंदर आने वाली वायु में ऑक्सीजन 15 से 18 प्रतिशत रह जाती है। फेफड़ों में संक्रमण होने पर इसलिए तेजी से कृत्रिम ऑक्सीजन की जरुरत पड़ती है।

श्रीगंगानगर-हुनमानगढ़ से वायु प्रदूषण
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से उडकऱ आने वाली मिट्टी से जोधपुर में अधिक प्रदूषण होता है क्योंकि इस मिट्टी के कण छोटे होते हैं। ये वायुमण्डल में विद्यमान रहते हैं। इससे तापमान में भी वृद्धि होती है। ये कण इतने छोटे रहते हैं कि कपड़ों पर लगने पर उसको धोने पर ही निकलते हैं। जबकि जैसमलेर-बाड़मेर से आने वाली आंधी से कोई खास नुकसान नहीं होता है क्योंकि वहां की मिट्टी के कण बड़े होते हैं।

वर्ष 2021 और 2020 के अप्रेल महीने में वायु प्रदूषण का औसत स्तर
वायु प्रदूषक -------- वर्ष 2020------वर्ष 2021
नाइट्रस ऑक्साइड ---- 14.11 --------24.38
नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड-19.06 --------30.28
नाइट्रोजन के ऑक्साइड - 20.77--------35.76
सल्फर डाई ऑक्साइड - 5.50 -------- 10.08
कार्बन मोनोक्इसाड ----- 0.59 --------0.79
ओजोन -------------- 39.24 --------39.69
पार्टिकुलेट मैटर-10 -----94.22 --------241.09
पार्टिकुलेट मैटर- 2.5 ---- 47.87 --------93.57
(सभी डाटा माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर में है।)

Gajendrasingh Dahiya Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned