10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सहकारिता विभाग के अफसरों ने ही चिटफंड कंपनियों अफसरों से उठा लिए लोन, ऋणी लोगों का नहीं किया भौतिक सत्यापन

सहकारिता विभाग के जोधपुर कार्यालय स्थित पंजीकृत क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटियों में से आधा दर्जन सोसाटियों में गड़बड़ी की आशंका है। बड़ी बात यह है कि विभाग के अफसरों ने ही इन क्रेडिट सोसायटियों से लोन उठा रखा है।
2 min read
Google source verification
chit fund fraud cases by credit cooperative societies in rajasthan

सहकारिता विभाग के अफसरों ने ही चिटफंड कंपनियों अफसरों से उठा लिए लोन, ऋणी लोगों का नहीं किया भौतिक सत्यापन

गजेंद्र सिंह दहिया/जोधपुर. सहकारिता विभाग के जोधपुर कार्यालय स्थित पंजीकृत क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटियों में से आधा दर्जन सोसाटियों में गड़बड़ी की आशंका है। बड़ी बात यह है कि विभाग के अफसरों ने ही इन क्रेडिट सोसायटियों से लोन उठा रखा है। इसमें एडिशनल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारियों से लेकर क्लर्क तक शामिल हैं। कुछ अफसरों ने सोसायटी में स्वयं भी पैसा लगाया। राजपत्रित स्तर के एक अधिकारी का 5 लाख रुपया आदर्श क्रेडिट सोसायटी में डूब गया है। डर के मारे सभी अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। किसी भी अफसर ने अब तक लिखित में औपचारिक शिकायत नहीं दी है।

जोधपुर में कुल 68 क्रेडिट सोसायटी पंजीकृत हैं। इसमें से करीब 35 सोसायटियों का काम बंद है यानी इनकी बैलेंस शीट शून्य है लेकिन अब तक इनका लिक्विडेशन नहीं किया गया है। 20 सोसायटी केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों की है। शेष बची 13 सोसायटी निजी हैं। इसमें फलोदी नागरिक बचत एवं साख समिति, भोपालगढ़ स्थित लक्ष्य ज्योति, जोधपुर क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी, शिव मंगलम, आस्था क्रेडिट सोसायटी, कुबेर सोसायटी, आनंद एजिया, अनुपम साई क्रेडिट, श्री मेघवाल, बालेसर स्थित किसान क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट कॉ-ऑपरेटिव, भूमिका क्रेडिट सोसायटी, प्रगतिशील बचत एवं साख समिति और सूर्यनगरी लघु व्यापारिक बचत एवं साख समिति शामिल हैं। इसमें से छह सोसायटियों की बैलेंस शीट में गड़बड़ी की आशंका है। ऑडिट रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

लोन लिया लेकिन चुकाया नहीं
क्रेडिट सोसायटियों से नियम विरुद्ध लोन लेने वाले अधिकांश अफसरों व कार्मिकों ने सोसायटी में वापस लोन नहीं चुकाया। ऑडिट में इसका पैरा बनता रहा, लेकिन किसी ने भी इस पर कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठाई। क्रेडिट सोसायटी के संचालक इसलिए नहीं बोले, क्योंकि उनके द्वारा की जा रही गड़बडिय़ों पर अफसर आंख मूंद लेते थे। क्रेडिट सोसायटी का धंधा कितने चरम पर रहा इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सहकारी विभाग के एक अधिकारी ने अपनी पत्नी के नाम से क्रेडिट सोसायटी खोली और इस सोसायटी से भी कुछ कार्मिकों ने ऋण लिया।

खुद की सोसायटी, फिर भी दूसरों से लोन लिए
जोधपुर के सहकारिता विभाग के कार्मिकों ने स्वयं भी सोसायटी बना रखी है। कई कार्मिकों ने जोधपुर के साथ जयपुर स्थित सहकारिता कार्यालय की सोसायटी से भी लोन उठा लिया। सहकारिता विभाग के नियमानुसार एक जैसी दो समिति से कोई व्यक्ति लोन नहीं ले सकता।

अफसर लोन ले रहे तो इंस्पेक्टर क्यों करेंगे जांच
क्रेडिट सोसायटी से लोन लेने वाले सदस्यों का भौतिक सत्यापन और निरीक्षण सहकारिता विभाग के इंस्पेक्टर करते हैं लेकिन जब जोधपुर के सहकारी विभाग के कार्मिकों ने ही लोन उठा रखा है तो अफसर जांच क्यों करेंगे। पंजीकृत 13 निजी सोसायटी में से 9 सोसायटी पिछले दस साल में अस्तित्व में आई है।

हम अभी जांच कर रहे हैं
विभाग के निर्देश के बाद हम सभी क्रेडिट सोसायटियों की जांच कर रहे हैं। उनकी स्पेशल ऑडिट भी हो रही है। सभी रिपोर्ट जयपुर भेज रहे हैं। वहीं से जारी होगी।
राकेश पुरोहित, डिप्टी रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग जोधपुर