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छात्रसंघ चुनाव के प्रचार में छात्रों के दो गुट भिड़े, सड़क पर स्टंट दिखाते तोड़े वाहन के कांच

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clash between 2 groups of student union before election in Jodhpur

clash between 2 groups of student union before election in Jodhpur

जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव का रंग पूरी तरह जम गया है। छात्र संगठनों के अति उत्साही कार्यकर्ता और प्रत्याशियों के समर्थक प्रचार के नाम पर सड़कों पर वाहनों की स्टंटबाजी कर रहे हैं। केएन कॉलेज के बाहर छात्रों के दो पक्ष भिड़ गए। एक वाहन के कांच फोड़ दिए गए।

स्टंटबाजी से सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। प्रचार कर रहे छात्रों ने सड़कों पर खतरनाक तरीके से लहराते हुए वाहन दौड़ाए। दो छात्र संगठनों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इसमें एक चार पहिया वाहन की विंडस्क्रीन किसी हथियार से वार कर तोड़ दी गई। झगड़ा बढ़ता, इससे पहले पुलिस बीच में आ गई और दोनों पक्षों को बड़ी मुश्किल से अलग किया। चुनाव प्रचार के दौरान छात्र संगठनों के बीच तनातनी और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में पुलिस को सतर्कता और सख्ती करनी होगी। नहीं तो छात्रों और अन्य लोगों की जान माल का नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

कोर्ट के हस्तक्षेप से पर्चा भरने वाले लक्ष्यदीप व हनुमान ने वापस लिए नाम

उधर, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश से नामांकन दाखिल करने वाले एपेक्स अध्यक्ष पद के प्रत्याशी लक्ष्यदीप सिंह और हनुमान तरड़ ने गुरुवार को अपने नाम वापस ले लिए। एबीवीपी के कार्यकत्र्ता लक्ष्यदीप को और एनएसयूआइ के कार्यकत्र्ता तरड़ को कंधों पर उठाकर नाम वापसी के लिए एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज लेकर पहुंचे। दोनों के यााचिका दायर करने पर कोर्ट ने विवि को नोटिस जारी कर 7 सितम्बर तक जवाब तलब किया था।


विवि ने इस वर्ष भी छात्रसंघ चुनाव में न्यूनतम एक साल से नियमित छात्र को ही चुनाव लडऩे का पात्र माना था। इस नियम के तहत विवि के किसी तरह के बकाया रहने सहित पढ़ाई में गैप अथवा नव प्रवेशित छात्र को चुनाव लडऩे के अयोग्य माना गया। विवि का तर्क था कि छात्र सिर्फ चुनाव लडऩे के लिए ही प्रवेश लेते हैं। लक्ष्यदीप व हनुमान दोनों ने हाईकोर्ट में इसको चुनौती दी। हाईकोर्ट ने दोनों की याचिका प्राथमिकता से सुनवाई करते हुए विवि को इनके नामांकन इस आधार पर खारिज नहीं करने के अंतरिम आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता नियमित छात्र नहीं है। विवि ने कोर्ट के आदेश से लक्ष्यदीप व हनुमान दोनों के नामांकन स्वीकार कर लिए लेकिन गुरुवार को नाम वापसी के दौरान दोनों ने नामांकन वापस ले लिया। लक्ष्यदीप सिंह पिछले ढाई महीने से प्रचार प्रसार में लगा था जबकि हनुमान ने करीब एक पखवाड़े पहले ही चुनावी मैदान में प्रवेश किया था।