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इस बार भी पेपर-पेंसिल से होगी लॉ स्कूल की प्रवेश परीक्षा, 10 मई को क्लेट परीक्षा

देश के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लेट-2020) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च को समाप्त हो रही है। अभ्यर्थी क्लेट कंसोर्टियम की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क चार हजार रुपए है।
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CLAT 2020

CLAT 2020 Exam: लॉकडाउन में क्लैट की परीक्षा आज, परीक्षार्थियों को करना होगा कोविड गाइड लाइन का पालन, जानिए डिटेल

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. देश के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लेट-2020) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च को समाप्त हो रही है। अभ्यर्थी क्लेट कंसोर्टियम की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क चार हजार रुपए है। परीक्षा का आयोजन 10 मई को दोपहर की पारी में होगी। परीक्षा के लिए जोधपुर स्थित एनएलयू में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है।

क्लेट के जरिए देश के 23 एनएलयू की करीब 2200 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इस साल क्लैट के पैटर्न में काफी बदलाव किया गया है। इसमें कानून और गणित विषय का भाग कम किया गया है। एनएलयू कंसोर्टियम ने अपनी वेबसाइट पर सैंपल पेपर भी अपलोड किए हैं। इसके अलावा मॉडल पेपर भी है, जिन्हें देखकर व प्रेक्टिस कर अभ्यर्थी क्लेट की तैयार कर सकते हैं। क्लेट में 200 अंक का प्रश्न पत्र होगा, जिसमें 150 प्रश्न पूछे जाएंगे।

इस बार लीगल एप्टीट्यूड की जगह लीगल रिजनिंग का विषय जोड़ा गया है यानी कानून से जुड़े प्रश्न कम पूछे जाएंगे। साथ ही मैथ्स के स्थान पर क्वांटेटिव टेक्निक का पेपर शामिल होगा। शुद्ध गणित के स्थान पर बार, चार्ट, ग्राफ जैसे प्रश्न पूछे जाएंगे। इनके अलावा अंग्रेजी, लॉजिकल रीजनिंग और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न होंगे।

पेपर-पेंसिल से होगी परीक्षा
गत वर्ष की तरह इस साल भी एनएलयू कंसोर्टियम ने क्लेट परीक्षा पेपर-पेंसिल से करवाने का निर्णय किया है। क्लेट परीक्षा 2008 से 2014 तक ऑफलाइन मोड पर होती आई थी लेकिन 2015 से एनएलयू कंसोर्टियम ने ऑनलाइन करवाना शुरू कर दिया। वर्ष 2015 से 2018 तक क्लैट परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई, लेकिन हर बार परीक्षा के दौरान सर्वर डाउन रहने, कम्प्यूटर स्क्रीन ब्लैक हो जाने, सर्वर के अटकने से परीक्षार्थियों को परेशानी हो रही थी। ग्रामीण परिवेश के छात्रों के लिए तो यह परेशानी का सबब बन गया। परीक्षार्थियों द्वारा बार-बार शिकायत करने पर इस बार क्लैट कंसोर्टियम ने वापस पेपर-पेन से परीक्षा करवाने का निर्णय किया।