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दुकान पर अवैध रूप से बेच रहा था नशीली दवाइयां, पशुओं व इंसानों की दवाइयां एक ही रेक में मिलीं

जोधपुर जिले के शेरगढ़ तहसील के उटाम्बर गांव की हरि ओम आश्रम के पास एक मेडिकल स्टोर पर दर्द निवारक ट्रमाडॉल की गोलियां अवैध रूप से बेचने व इस दवा का उपयोग कई लोग नशे के रूप में करने के मामले में औषधि नियंत्रण संगठन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दवा दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
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CMHO jodhpur action against illegal Intoxicated medicine selling

दुकान पर अवैध रूप से बेच रहा था नशीली दवाइयां, पशुओं व इंसानों की दवाइयां एक ही रेक में मिलीं

जोधपुर. जिले के शेरगढ़ तहसील के उटाम्बर गांव की हरि ओम आश्रम के पास एक मेडिकल स्टोर पर दर्द निवारक ट्रमाडॉल की गोलियां अवैध रूप से बेचने व इस दवा का उपयोग कई लोग नशे के रूप में करने के मामले में औषधि नियंत्रण संगठन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दवा दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया है।

दरअसल, फर्म मैसर्स हरि ओम मेडिकल एंड जनरल स्टोर पर औषधि नियंत्रण अधिकारी को निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट लक्ष्मणराम पुत्र फुसाराम अनुपस्थित पाए गए। उनकी अनुपस्थिति में गैर फार्मासिस्ट चुन्नीलाल मिले, जो फर्म मालिक कंचन चौधरी के पति है। चुन्नीलाल मौके पर शेड्यूल एच व शैड्यूल एच 1 की दवाइयां बेचते मिले। इन्होंने निरीक्षण के दौरान शैड्यूल एच संबंधित दवाइयों का रजिस्टर भी 25 मार्च 2014 के पश्चात से संधारित नहीं किया।

निरीक्षण के दौरान चालू विक्रय बिल सही रूप से व्यवस्थित नहीं मिले। अन्य विक्रय बिलों की कार्बन कॉपी का संधारण नहीं किया जाना पाया गया। यहां अवधिपार औषधियों की अलग से रेक नहीं पाई गई। साथ ही इंसानों के साथ पशुओं की दवाइयां भी एक ही रेक में मिली। मौके पर दो-तीन ब्रांड की ट्रमाडॉल गोली पाई गई।

इन दवाइयों के खरीद के बिल तक मौके पर नहीं मिले। इस फर्म को गत 12 जुलाई के निरीक्षण के बाद 15 नवंबर को पुन: निरीक्षण किया गया। कारण बताओ नोटिस दिए गए, लेकिन संतोषजनक जवाब न पाए जाने के बाद सहायक औषधि नियंत्रक राकेश वर्मा ने लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की।

एम्स अस्पताल के अंदर की दवाइयां गांव में
इसी दुकान पर मौके पर फंगल इंफेक्शन में उपयोग आने वाला क्लोट्रिमाजाल पाउडर पाया गया, जो एक्सपायर्ड था। जिस पर फॉर एम्स सप्लाई, नॉट फोर सेल तक का उल्लेख मिला। यहां तीन डिब्बियां मिली, जिसमें से एक पर लेबल हटा हुआ था। जो भी अलग से जांच का विषय है।

इनका कहना
इस फर्म का लाइसेंस विभाग ने निरस्त किया है। बिना परामर्श पर्ची व बिना बिल के दवा बेचान करना गलत है। विभाग अनियमितताओं को लेकर सजग है।
- राकेश वर्मा, सहायक औषधि नियंत्रक अधिकारी, औषधि नियंत्रण संगठन विभाग