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कोरोना के खतरे को नकार पंचायत चुनाव के लिए खम ठोकने लगे कांग्रेस-भाजपा नेता

भाजपा देहात जिलाध्यक्ष (दक्षिण) जगराम विश्नोई व कांग्रेस जिलाध्यक्ष हीराराम मेघवाल से बातचीत
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कोरोना के खतरे को नकार पंचायत चुनाव के लिए खम ठोकने लगे कांग्रेस-भाजपा नेता

कोरोना के खतरे को नकार पंचायत चुनाव के लिए खम ठोकने लगे कांग्रेस-भाजपा नेता

जोधपुर. जिला परिषद व पंचायत चुनाव की रणबेरी बजने के साथ ही कांग्रेस-भाजपा ने कमर कस ली है। जीत के दावे किए जा रहे हैं तो कोरोना की तीसरी लहर को नकारा जा रहा है। दोनों दलों के देहात जिलाध्यक्ष दावा कर रहे हैं कि कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना से चुनाव पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा जहां कांग्रेस की विफलताओं को के मु²े पर तो कांग्रेस राज्य सरकार के कामकाज और कोरोना के हालातों के बीच ‘विकास की रफ्तार’ बनाए रखने को लेकर जनता की अदालत में जाने की तैयारी में है। दोनों ही दल गुटबाजी को नकारते हुए जीत के प्रति आश्वस्त हैं। पेश है कांग्रेस व भाजपा के देहात जिलाध्यक्षों से राजेश दीक्षित की बातचीत के खास अंश-

भाजपा देहात जिलाध्यक्ष (दक्षिण) जगराम विश्नोई व कांग्रेस जिलाध्यक्ष हीराराम मेघवाल से बातचीत

पत्रिका-क्या रहेगी पंचायत चुनाव में रणनीति?
जगराम-भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। जो भी कार्यकर्ता चुनाव लडऩा चाहेगा, उसे अवश्य चुनाव लड़ाएंगे। कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि जीत भी दिलाएंगे।

हीराराम-देहात में सात विधानसभा क्षेत्र हैं। प्रभारी मंत्री महेन्द्र चौधरी नौ अगस्त को बैठक लेंगे। जिसमें सभी कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि व टिकट के दावेदार शामिल होंगे। इसी बैठक में चुनाव की आगामी रणनीति तय की जाएगी।

पत्रिका: जिला परिषद व पंचायत चुनाव में जीत के प्रति कितने आश्वस्त हैं?
जगराम-हमारा एक ही टारगेट रहेगा कि हर हाल में जिला प्रमुख भाजपा का बने। जोधपुर देहात को संगठन की दृष्टि से दो जिलों दक्षिण व उत्तर में बांटा हुआ है। इसमें सभी २१ पंचायत समितियों में ही भाजपा का ही कब्जा हो, इसके लिए कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से जुट गए हैं।
हीराराम-जीत के प्रति पूरे आश्वस्त हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य बजट में सभी विधानसभा क्षेत्रों में भरपूर काम किया है। एेसा कोई क्षेत्र नहीं छोड़ा है, जहां विकास कार्य नहीं हुए हो। कोराना का सामना करने के साथ ही ‘विकास की रफ्तार’ भी तेज की है। एेसे में जिला प्रमुख कांग्रेस का बनना तय है।


पत्रिका: पार्टी में गुटबाजी के चलते चुनाव में क्या कोई परेशानी होगी?
जगराम-भाजपा में इकाई से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर किसी तरह की बगावत व गुटबाजी नहीं है। सभी कार्यकर्ता पार्टी के मंच से जुड़े हैं। सभी का एक ही लक्ष्य है जिला परिषद व पंचायत समिति में भाजपा का बोर्ड बने।

मेघवाल-गुटबाजी का मामला अब पूरा ही ठंडा पड़ गया है। पार्टी में अब बगावत जैसी बातें नहीं है। राज्य प्रभारी अजय माकन ने सभी कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली। सभी विधायक संतुष्ट हैं। एेसे में चुनाव में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।


पत्रिका: आपकी पार्टी जीत का आधार क्या रहेगा? आखिर वोटर आपकी पार्टी को वोट क्यों दें?
जगराम-सबसे बड़ा मुद्दा व जीत का कारण कांग्रेस की विफलता ही रहेगा। कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने से पहले जो वादे किए, उनमें से कोई भी पूरा नहीं हुआ है। कांग्रेस ने किसानों को धोखा दिया है, ब्याज माफी का मुद्दा हो या चाहे बेरोजगारी भत्ता। एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है। जबकि भाजपा शुरू से ही जनता के साथ रही है।

मेघवाल-जीत का सबसे बड़ा कारण तो विकास ही रहेगा। मुख्यमंत्री ने ख्ूाब काम किया है। एेसे में कांग्रेस जिला परिषद व पंचायत समितियों ने कब्जा करेगी और पार्टी का बोर्ड बनाएगी। विकास के नाम पर वोट मांगे जाएंगे।

पत्रिका: कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच चुनाव कराने को लेकर आप क्या सोचते हैं?
जगराम-कोरोना की तीसरी लहर अभी तक तो आई नहीं है। केवल सुन ही रहे हैं। चुनाव कराना राज्य सरकार की मंशा है तो चुनाव होने ही चाहिए।

मेघवाल-सितम्बर के प्रथम सप्ताह तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएंगी। जब तक तीसरी लहर की कोई आशंका ही नहीं है। कोराना के बचाव के पूरे इंतजाम किए गए हैं।