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ठेकेदार के जिंदा जलने की वारदात हत्या या आत्महत्या को लेकर उलझी पुलिस, अब इस पर टिकी उम्मीदें

जोधपुर में गत दिनों जिंदा जले ठेकेदार के मामले में पुलिस बुरी तरह उलझी हुई है। इस घटना को हत्या या आत्महत्या मानने में पुलिस उलझ चुकी है।

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विकास चौधरी/जोधपुर. मण्डोर थानान्तर्गत आंगणवा गांव के पास झाडि़यों के बीच एक युवक के जिन्दा जलने के मामले में मंगलवार को दूसरे दिन भी स्थिति साफ नहीं हो पाई। पुलिस अभी तक हत्या अथवा आत्महत्या के बीच उलझी हुई है। मृतक के घर से वारदातस्थल तक सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकलवाए गए हैं। मोबाइल कॉल डिटेल मंगाई जा रही है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि रामसागर चौराहे के पास निवासी तरूण पुत्र राजेन्द्र सिंह परिहार के जिन्दा जलने के मामले की जांच चल रही है। सीसीटीवी फुटेज निकलवाए गए हैं, जिनका विश्लेषण हो रहा है। मृतक के पास तीन-चार मोबाइल सिम थी। अंदेशा है कि वह सिम बदल-बदल कर बातचीत करता था। जिनकी कॉल डिटेल मंगवाकर जांच की जाएगी। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने से मृत्यु होने के कारण सामने आए हैं। एफएसएल रिपोर्ट भी एक-दो दिन में मिलनी शुरू हो जाएगी। उसके बाद ही मौत के स्पष्ट कारण पता लग पाएंगे।

मौके से मिला प्लास्टिक का पाइप


आरसीसी ठेकेदारी का कार्य करने वाले तरूण माली के पास पिछले कई महीने से कोई काम नहीं था। उसने अपने संसाधन किराए पर दे रखे थे। उसके दुर्घटनावश जलने की संभावना कम है। उसने आत्महत्या की है अथवा किसी ने जानबूझकर जलाया है, पुलिस इन दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। आस-पास के लोगों ने मौके पर किसी अन्य को नहीं देखा है। मौके पर मोटरसाइकिल के पास प्लास्टिक का पाइप भी मिला है। एेसे में पुलिस को आत्महत्या की आशंका अधिक लग रही है।

जेब से मिली पीएचडी परीक्षा की रसीद


पुलिस को मृतक के पास कागज की एक पर्ची मिली है, जो किसी ई-मित्र से प्राप्त रसीद है। उसने पीएचडी करने संबंधी फीस जमा कराई थी। फिलहाल घरवालों से भी पुलिस की कोई बातचीत नहीं हुई है। एेसे में उसकी किसी से रंजिश या मनमुटाव के बारे में भी पुलिस को सुराग नहीं लगे हैं।

पुलिस जांच में ये बातें आई सामने

- मृतक अंतरमुखी था। वह पिछले कुछ महीनों से कभी-कभार ही किसी से बात करता था।
- वारदातस्थल पर पड़ोसी किसान ने आग की लपटें देखी तो वह तुरंत मौके पर पहुंचा था। उसने अपने दोस्त व परिचितों को फोन कर बुलाया। वहां आने के लिए घूमकर पहुंचना होता है। पड़ोसी ने किसी भी व्यक्ति को वहां से भागते या मौजूद नहीं देखा।
- मृतक युवा था। यदि उसे किसी ने जिन्दा जलाया है तो दोनों में मौके पर संघर्ष भी होता, लेकिन संघर्ष जैसे कोई साक्ष्य नजर नहीं आए। मिट्टी तक सही सलामत है। न ही किसी अन्य वाहन के टायरों के निशान मिले हैं।
- मृतक रोजगार को लेकर परेशान था। आरसीसी निर्माण कार्य का काम मंदा चल रहा था।
- घरवाले उसकी शादी करना चाह रहे थे। गत शनिवार को ही सगाई के लिए लड़की वाले उसे देखने आए थे।
- मृतक मोबाइल की अलग-अलग सिम काम लेता था। उसके पास चार-पांच सिमें मिल चुकी हैं। सभी की सीडीआर मंगाई जा रही है। जो सीडीआर मिली है उसमें कोई भी संदिग्ध नम्बर नहीं मिले हैं।
- तरूण घर के अण्डरग्राउण्ड में रहता था, जहां कोई खिड़की तक नहीं है। छोटा सा पंखा लगा है।
- मौके से बरामद प्लास्टिक की पाइप में पेट्रोलियम पदार्थ की गंध आ रही थी।
- मृतक के सभी कपड़े और जूतों के जलने के साक्ष्य एफएसएल को मिले हैं।

घर से निकलने के २५ मिनट बाद जिन्दा जला

पुलिस का कहना है कि सोमवार सुबह ९.१० बजे घर से निकला था। पच्चीस मिनट बाद यानि सुबह ९.३५ बजे उसके जलने की सूचना मिल गई। घर से वारदातस्थल पहुंचने में पन्द्रह-बीस मिनट लगते हैं।