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वाणिज्य संकाय में जूनियर को डीन बनाने पर विवाद

वरिष्ठ प्रोफेसर की अनदेखी पर उठ रहे हैं सवाल
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वाणिज्य संकाय में जूनियर को डीन बनाने पर विवाद

वाणिज्य संकाय में जूनियर को डीन बनाने पर विवाद

जोधपुर. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा वरिष्ठता को दरकिनार कर वाणिज्य अध्ययन संस्थान में डीन नियुक्त करने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार विवि प्रशासन ने गफलत में यह निर्णय ले लिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को एक आदेश जारी कर व्यवसाय एवं वित्त प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो रमन दवे को 1 जुलाई से वाणिज्य संकाय का नया डीन नियुक्त किया है। प्रो. दवे 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे प्रो. जसराज बोहरा का स्थान लेंगे। इसी बीच वाणिज्य संकाय के वरिष्ठ प्रोफेसर और प्रो दवे के विभाग के ही प्रो. महेंद्र सिंह राठौड़ के डीन नहीं बनने पर कई शिक्षकों ने एतराज जताया। प्रो राठौड़ वाणिज्य संकाय में सबसे वरिष्ठ शिक्षक है। वैसे प्रो राठौड़ और प्रो दवे एक साथ 30 दिसंबर 1990 को विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर बने थे, लेकिन प्रो राठौड़ 2001 में ही सलेक्शन प्रक्रिया के जरिए रीडर बन गए थे। प्रो दवे बाद में 2007 में सिंडिकेट के विशेष ऑर्डिनेंस से रीडर बनाए गए थे।
गफलत में रह गया विवि प्रशासन : प्रो राठौड़ 2016 में जोधपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने अपना विभागाध्यक्ष पद छोड़कर प्रो दवे को दे दिया। दिसम्बर 2018 में वे जेडीए अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देकर वापस विश्वविद्यालय लौट आए। जब उन्हें वापस विभागाध्यक्ष का पदभार सौंपने का निवेदन किया तो उन्होंने स्वास्थ्य सहित अन्य कारणों का हवाला देते हुए यह पद भार लेने से मना कर दिया। सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन को डीन शिप में यही गफलत पैदा हो गई, जबकि प्रो राठौड़ डीन बनने की इच्छा रखते हैं।
पहले भी हुई है गलती
वाणिज्य संकाय में इससे पहले भी जूनियर को सीनियर पर थोपा गया था। वर्ष १९९५-९६ में तत्कालीन वरिष्ठ प्रोफेसर सुशील जगदीश ललवाणी के स्थान पर प्रो जेसी गांधी को डीन बनाया गया, तब प्रो ललवाणी कोर्ट में गए थे और वहां से अपना ऑर्डर लेकर आए।

इन्होंने कहा
'मैंने डीन बनने के लिए कभी मना नहीं किया।

प्रो महेंद्र सिंह राठौड़, वाणिज्य संकाय, जेएनवीयू
प्रो राठौड़ ने लिखकर दिया है कि वे डीन नहीं बनना चाहते। अगर कहीं गफलत हुई है तो देखा जाएगा।Ó
प्रो. रमन दवे, वाणिज्य संकाय, जेएनवीयू