
Rajasthan High Court
जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को नकल के जरिये परीक्षा पास करवाने वाले गिरोह के सरगना भीकाराम की ओर से खुद के खिलाफ दायर एफआइआर निरस्त करने को दायर याचिका खारिज कर दी।
गिरोह के सरगना की ओर से याचिका में कहा कि सेशन अदालत ने जोधपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में ग्रामीण पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को गलत मानते हुए गिरफ्तार सभी आरोपियों को जमानत दे दी। इसके अलावा इस तरह के अपराध की पूर्व तैयारी भी अपराध श्रेणी में नहीं आती इसलिए एफआइआर निरस्त की जाए।
जस्टिस डॉ. पीएस भाटी की अदालत में शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से उपराजकीय अधिवक्ता विक्रमसिंह राजपुरोहित ने इसका विरोध करते हुए ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई को उचित बताया।
उन्होंने कहा नकल गिरोह के सरगना के प्रति नरमी उन लोगों के साथ अन्याय होगा जो परीक्षा के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। राजपुरोहित ने गत जुलाई में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से पहले पकड़े गए नकल गिरोह के भंडाफोड़ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जोधपुर में नकल के सक्रिय होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गिरोह के सरगना भीकाराम और उसके साथियों के मोबाइल सर्विलांस पर लेकर कॉल रिकॉर्ड किए और सूचना की पुष्टि होने पर गिरोह के सरगना सहित ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया था।
Published on:
27 Oct 2018 02:16 am
