11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अनचाही बारिश ने बिगाडा़ किसानों का गणित

किसानों को जहां इस महीने में खरीफ फसल की अच्छी उपज हाथ लगने की उम्मीद थी लेकिन इस माह में 9 इंच हुई बारिश ने खेतों में पकने को तैयार खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया। खेतों में खड़े मूंग भारी बारिश से फिर उग आए हैं। बाजरा, ज्वार की फसल भी जमीन पर औंधे मुंह गिर चुकी है।
less than 1 minute read
Google source verification
अनचाही बारिश ने बिगाडा़ किसानों का गणित

अनचाही बारिश ने बिगाडा़ किसानों का गणित

बिलाड़ा (जोधपुर). किसानों को जहां इस महीने में खरीफ फसल की अच्छी उपज हाथ लगने की उम्मीद थी लेकिन इस माह में 9 इंच हुई बारिश ने खेतों में पकने को तैयार खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया। खेतों में खड़े मूंग भारी बारिश से फिर उग आए हैं।बाजरा, ज्वार की फसल भी जमीन पर औंधे मुंह गिर चुकी है।


तहसील कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी माह से 24 सितंबर तक 547 मिलीमीटर बारिश होना बताया गया, वहीं अकेले सितंबर माह में 224 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। 20 सितंबर को 84 एमएम, 22 सितंबर को 70 एमएम, 23 सितंबर को 11 एमएम बारिश के अलावा इसी महीने के अन्य दिनों में 30 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस माह में हूई बारिश ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है।

मुआवजे की उठने लगी मांग
सितंबर माह में एकाएक हुई बारिश के कारण नष्ट हो चुकी उपज एवं मवेशियों के लिए चारा भी हाथ नहीं लगने की स्थिति में गांव से आए दिन यहां उपखंड अधिकारी एवं तहसील कार्यालय में किसान प्रतिनिधियों द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व मंत्री अर्जुनलाल गर्ग ने खराबे की गिरदावरी करवा कर किसानों को मुआवजा दिलवाने को लेकर ज्ञापन दिया है, साथ ही आंदोलन की चेतावनी भी दी है। कांग्रेस के नेता भी अब अपनी ही सरकार के प्रतिनिधियों के समक्ष किसानों को सहायता दिलाने की मांग कर रहे हैं।

इन्होंने कहा
सितंबर माह में एकाएक हुई बारिश से क्षेत्र में फसलों में खराबा होने की जानकारी है। किसान प्रतिनिधियों एवं राजनीतिक लोगों के द्वारा भी खराबे की गिरदावरी कराने की मांग की जा रही है, वहीं जिला कलक्टर ने भी हमें निर्देशित किया है कि ईमानदारी के साथ खराबा दर्ज कर उन्हें अविलंब रिपोर्ट भेजी जाए।

ताराचंद प्रजापत तहसीलदार बिलाड़ा