अब 3 साल की बजाय ढाई साल में बनेंगे कम्पनी सचिव, इस साल से नया पैटर्न

-कंपनी सचिव से हटा कॉमर्स का ठप्पा
- सीएस फाउंडेशन परीक्षा बंद, अब एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट होगा
- कॉमर्स के साथ अब रीजनिंग, एप्टीट्यूड जैसे विषयों पर रहेगा जोर,
-अन्य स्ट्रीम के छात्र भी आसानी से बन सकेंगे कंपनी सचिव

By: Jay Kumar

Published: 07 Feb 2020, 11:44 AM IST

जोधपुर. दी इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेट्रीज ऑफ़ इंडिया (आइसीएसआइ) ने अपने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। इसके अंतर्गत कंपनी सचिव (सीएस) फाउंडेशन परीक्षा इस साल से बंद कर दी गई है। इसके स्थान पर कंपनी सचिव एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट (सीएसईईटी) होगा। सीएसईईटी पास करने के बाद कंपनी सचिव पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलेगा।

इसके पीछे आइसीएसआइ का उद्देश्य कंपनी सचिव के पीछे लगे कॉमर्स के ठप्पे को समाप्त करना है। वर्तमान में सीएस फाउंडेशन परीक्षा में अधिकांश विषय कॉमर्स से संबंधित थे, जिसके कारण बारहवीं कॉमर्स के साथ करने वाले विद्यार्थी ही कंपनी सचिव बनने के लिए आगे आते थे। नए पैटर्न के चलते कला और विज्ञान विषय के छात्र भी सीएस बनने की ओर अग्रसर हो सकेंगे।

पहली सीएसईईटी मई में
पहली सीएसईईटी इस साल मई में होगी। इसके बाद जुलाई व नवम्बर में होगी। बारहवीं पास विद्यार्थी इसमें बैठ सकेंगे। कम्प्यूटर बेस्ट सीएसईईटी में पहला प्रश्न पत्र बिजनेस कम्यूनिकेशन का, दूसरा प्रश्न पत्र लीगल एप्टीट्यूड व लोजिकल रीजनिंग का, तीसरा प्रश्न पत्र इकोनॉमिक्स व बिजनेस एनवायरमेंट का और चौथा प्रश्न पत्र करंट अफेयर्स व कम्यूनिकेशन स्किल का होगा। अभ्यर्थी को प्रत्येक विषय में ४० प्रतिशत और कुल ५० प्रतिशत प्राप्तांक लाने आवश्यक होंगे। चार्टर्ड एकाउंटेंट के लिए प्रवेश परीक्षा से छूट रहेगी। वे सीधा एग्जीक्यूटिव परीक्षा में बैठ सकते हैं।

3 साल की बजाय ढाई साल में सीएस
आइसीएसआइ जोधपुर चेप्टर के सचिव दीपक केवलिया ने बताया कि पुराने पैटर्न में सीएस फाउण्डेशन व एग्जीक्यूटिव के मध्य ९ महीने का अंतराल रहता था। नए पैटर्न में मई में सीएसईईटी परीक्षा पास होने वाले विद्यार्थी दिसम्बर में एग्जीक्यूटिव परीक्षा में बैठ सकेंगे। असफल रहे विद्यार्थी दो महीने बाद जुलाई में फिर से परीक्षा देकर दिसम्बर की एग्जीक्यूटिव परीक्षा में दो ग्रुप में से एक गु्रप ले सकते हैं। इससे कम्पनी सचिव ३ साल की बजाय ढाई साल में बन सकेंगे।

पहले कॉमर्स का भाग अधिक था
सीएस फाउण्डेशन समाप्त कर दिया गया है। पहले प्रवेश परीक्षा में कॉमर्स का भाग अधिक आता था। अब अन्य विषयों को भी तरजीह दी गई है।
पूजा चंदानी, पूर्व अध्यक्ष, आइसीएसआइ जोधपुर चेप्टर

Jay Kumar
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