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Cyber fraud : चिकित्सक से साइबर ठगी का खुलासा, ऐसे कर रहे थे वारदत, रहे सतर्क

- केवाइसी अपडेट का झांसा देकर मोबाइल को रिमोट सिस्टम पर लेकर की थी ठगी, दो गिरफ्तार- हवाला का रुपए बता क्रेडिट कार्ड का बिल भुगतान कराते, बदले में कार्ड होल्डर को 5 प्रतिशत कमीशन देते
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Cyber fraud : चिकित्सक से साइबर ठगी का खुलासा, ऐसे कर रहे थे वारदत, रहे सतर्क

Cyber fraud : चिकित्सक से साइबर ठगी का खुलासा, ऐसे कर रहे थे वारदत, रहे सतर्क

जोधपुर।
मथानिया थाना पुलिस (Police station Mathania) ने एसबीआइ (SBI) के योनो ऐप (SBI YONO AP) पर केवाइसी अपडेट करने का झांसा देकर डॉक्टर के बैंक खाते से 4.32 लाख रुपए (4.32 Lakh Rs Cyber fraud with Doctor in Jodhpur) निकालने का खुलासा कर दो युवकों को गिरफ्तार (2 arrested in cyber fraud with Doctor in Jodhpur) किया। सम्पूर्ण राशि होल्ड कराई गई है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
थानाधिकारी राजीव भादू ने बताया कि मथानिया निवासी डॉ सुमेरसिंह के मोबाइल में गत नौ जनवरी को अनजान नंबर से संदेश आया था और एसबीआइ खाते को केवाइसी से अपडेट न करने पर खाता बंद होने की जानकारी दी गई थी। उसे मिले लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया था। ठगों ने रिमोट सिस्टम से मोबाइल में डाउनलोड योनो ऐप के मार्फत लेन-देन कर खाते से 4,32,498 रुपए निकाल लिए थे। इस संबंध में साइबर पॉर्टल के टोल फ्री नम्बर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
कांस्टेबल मंगतूराम ने तकनीकी पहलूओं से जांच शुरू की। बैंक खाते का स्टेटमेंट मंगाया गया। तब सामने आया कि खाते से राशि बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर की गई थी। क्रेडिट कार्ड के नोडल अधिकारियों से सम्पर्क कर राशि फ्रीज कराई गई।
क्रेडिट कार्ड होल्डर व साथियों के संबंध में जानकारी ली गई तो ठगों के झुंझुनूं में होने का पता लगा। झुंझुनूं के मण्डावा थाना पुलिस की मदद से तलाश की गई और झुंझुनूं में जितास निवासी कुलदीपसिंह पुत्र दारासिंह और रविन्द्रसिंह उर्फ ओकी पुत्र बाबूसिंह को हिरासत में लिया गया। वारदात स्वीकारने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। इनसे क्रेडिट कार्ड बरामद किया गया है।
दो लाख जमा कराए, 2.38 लाख अन्य के खाते में जमा
कुलदीपसिंह व रविन्द्रसिंह के क्रेडिट कार्ड में दो लाख रुपए जमा कराए गए थे। यह कार्ड बरामद किया गया है। शेष 2.38 लाख रुपए अन्य आरोपियों के खातों में जमा हुए हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
हवाला का रुपए बताते, बदले में कमीशन देते
आरोपी अपने परिचितों को हवाला का रुपए आने का झांसा देकर ठगी में शामिल करते हैं। उनसे क्रेडिट कार्ड व कार्ड के नम्बर हासिल कर लेते हैं। अन्य सहयोगियों के मार्फत लोगों को केवाइसी अपडेट के संदेश व लिंक भिजवाते हैं।लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल रिमोट सिस्टम पर लेकर खाते से रुपए निकालते हैं। क्रेडिट कार्ड से ठगी के रुपए हासिल कर बदले में पांच प्रतिशत कमीशन देते हैं।