
बेटी का कत्ल कर बिल्ली के हमले से मौत होने की कहानी रची
पीपाड़सिटी/जोधपुर. चार वर्षीय मासूम रिजवाना कत्ल के बाद पिता नवाब अली को जब उसकी पत्नी शबाना ने जगाकर नीचे वाले कमरे में खून से लथपथ पड़ी बेटी की खबर दी तो नवाब अली अनजान बनकर अपनी पत्नी के साथ गया और कहा कि रिजवाना पर बिल्ली ने हमला कर दिया है। पत्नी ने रिश्तेदारों को बुलाया और पुत्री को अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
अंधेरे-अंधेरे शव दफनाने का प्रयास
अस्पताल से शव लेकर परिजन घर लौट आए थे। बिल्ली के हमले से मौत का कारण बता वे अंधेरे-अंधेरे शव दफनाने की तैयारी में थे, लेकिन पड़ोसियों को संदेह हुआ। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
कत्ल के बाद सोने का नाटक
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शुक्रवार सुबह अजान लगने से पत्नी जागी, लेकिन पास में पुत्री नहीं मिली। वह उसे तलाशने लगी। मां नीचे वाले कमरे में पहुंची तो पुत्री को लहुलूहान हालत में देख चौंक गई और चिल्लाने लगी। वह ऊपर गई और अपनी बेटी का कत्ल कर सोने का नाटक कर रहे पति को जगाया। दोनों नीचे पहुंचे और खून से लथपथ पुत्री को देखा।
मानसिक अवसाद से पीडित
पुलिस के अनुसार इसने ये अपराध धार्मिकता के साथ मानसिक अवसाद से ग्रसित होकर किया है। इसने इस्लाम पर खतरे को लेकर अल्लाह की मेहर के लिए अपनी प्रिय चीज कुर्बान करने के इरादे से चार वर्षीय पुत्री को अपने ही हाथों से घर में रखे छुरे से कत्ल कर दिया। आरोपी की मोहल्ले में ही मीट की दुकान है और ये व्यवसाय से भी कसाई है। पुलिस ने इस मामले में परिवार के अलग अलग लोगों से बात करने के साथ एफ एस एल की टीम को मिले साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या के अपराध को कबूल कर लिया।
बयान धर्मविरोधी
नवाब अली के इस बयान के बाद इसे लेकर विवाद खडा हो गया है। यहां इस्लाम से जुड़े लोगो ने आरोपी के बयानों को धर्म विरोधी बताते हुए घटना के दूसरे कारणों को छुपाने का आरोप लगाया है। कुरैशी समाज से जुड़े कांग्रेसी नेता अबुल कुरैशी ने आरोपी के बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की। मौलवी इंसाफ अली ने हत्या के आरोपी पिता की ओर से दिए बयान को इस्लाम विरोधी बताते कहा कि इस्लाम धर्म में इंसान की कत्ल करना धर्म के विरुद्ध है।
बनी थी विशेष टीमें
शुक्रवार सुबह मामला उजागर होने के बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजन दुष्यंत व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह भाटी मौके पर पहुंचे और मुआवने के बाद बिलाड़ा वृत्ताधिकारी सेठराम बंजारा के सुपरविजन में अपराध शाखा प्रभारी पुलिस निरीक्षक मदनलाल रॉयल और थाना प्रभारी राजेश खदाव के नेतृत्व में इस मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की।
इन टीमों ने घटनास्थल पर मिले सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढाया। एफएसएल टीम, एमओबी टीम व डॉग स्क्वाड टीमों को बुलवाकर घटनास्थल का मुआवना करवाया। अनुसंधान के दौरान रिजवाना के पिता नवाब अली की भूमिका संदिग्ध लगी तो उस पर दबाव बनाकर पूछताछ की और मामले का खुलासा हो गया।
Published on:
10 Jun 2018 12:37 am
