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बेंगलूरु ट्रेन का हॉल्ट बिलाड़ा करवाने की उठी मांग

बेंगलूरु ट्रेन का हॉल्ट बिलाड़ा करवाने के लिए अब मांग उठने लगी है। ऐसा मानना है कि यदि यह ट्रेन बिलाड़ा तक कर दी जाय तो बिलाड़ा सहित आसपास के कई कस्बे के हजारों लोगों को इसका फायदा मिलेगा।
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Demand of Bangalore train halt in Bilara

बेंगलूरु ट्रेन का हॉल्ट बिलाड़ा करवाने की उठी मांग

बिलाड़ा. जोधपुर- बिलाड़ा रेलखंड पर दशकों से चल रही रेलगाड़ी बिना सिग्नल के स्टेशनों से होते हुए यहां देर रात्रि पहुंचती है और सवेरे जल्दी यहां से लौट जाती है। यहां पहुंचने तक नाम मात्र के यात्री उतरते हैं। सवेरे जल्दी अंधेरे में रवाना होने वाली इस गाड़ी को खाली ही जाना पड़ता है।

लोगों को कहना है कि सैकड़ों की संख्या में इस क्षेत्र के प्रवासियों का दक्षिण भारत में आना -जाना लगा रहता है। यदि भगत की कोठी में हॉल्ट कर रही बेंगलूरु ट्रेन का हॉल्ट बिलाड़ा हो जाए तो इस क्षेत्र के लोगों को बहुत फायदा होगा व रेलवे को भी अच्छा राजस्व मिलेगा।


क्षेत्रीय सांसद भी इस बारे में आश्वस्त करते रहे हैं। प्रवासी संघ की ओर से सांसद को राय दी गई है कि बिलाड़ा, पीपाड़, जैतारण, मेड़ता, सोजत आदि क्षेत्र के गांवों के लोगों को प्रतिदिन बेंगलूरु गाड़ी पकडऩे के लिए भगत की कोठी जोधपुर पहुंचना पड़ता है। यह गाड़ी बिलाड़ा से चलाई जाए तो क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

बिलाड़ा-पीपाड़ से टिकट बुक होंगे
लंबे समय से इस क्षेत्र के लोगों को बेंगलूरु, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद जाने के लिए रेलवे टिकट दलालों से मुंह मांगे दामों पर टिकट खरीदने पड़ते हैं। जबकि बेंगलूरु ट्रेन यहां से चलना शुरू होगी तो बिलाड़ा , पीपाड़ टिकट खिडक़ी को अलग से लंबी दूरी के टिकट एवं सीट कंफर्म का कोटा भी मिलेगा जिससे प्रवासियों को राहत पहुंचेगी।

बढ़ेगी चहल पहल
वर्तमान में बिलाड़ा रेलवे स्टेशन परिसर आवारा लोगों का ठिकाना बना हुआ है। यहां देर रात्रि ट्रेन आती है और तडक़े 5 बजे रवाना हो जाती है। ऐसे में पूरे दिन कस्बे के कई आवारा लडक़ों का यहां डेरा लगा रहता है। दिन में दो-तीन बार रेल का आवागमन हो तो यहां लोगों का आवागमन रहेगा।

स्टेशन परिसर में सुविधाएं भी बढ़ेंगी तथा चहल-पहल भी बनी रहेगी। वर्तमान में स्टेशन का कार्यालय भी कई दिनों तक बंद रहता है। यहां से चलने वाली ट्रेन में यात्री मिल भी जाएं तो टीटीई ही ट्रेन में ही टिकट देता है।