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सुरक्षा के बीच हुआ पप्पूदास की खातेदारी भूमि का सीमांकन

पीपाड़सिटी (जोधपुर). पंचायत समिति के चिरधानी गांव में गुरुवार को सुरक्षा के भारी लवाजमें के साथ आखिरकार परिवादी पप्पूदास के खेत का सीमांकन कर पत्थरगढ़ी की गई।
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Demarcation of account holder land in Piparcity

सुरक्षा के बीच हुआ पप्पूदास की खातेदारी भूमि का सीमांकन

पीपाड़सिटी (जोधपुर). पंचायत समिति के चिरधानी गांव में गुरुवार को सुरक्षा के भारी लवाजमें के साथ आखिरकार परिवादी पप्पूदास के खेत का सीमांकन कर पत्थरगढ़ी की गई।

उपजिला मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पांच घण्टे की कार्रवाई के बाद अनुमानित दस फुट से अधिक भूमि से अतिक्रमण हटा कर उसे कब्जा सौंपा गया। गत पांच वर्षों से सीमांकन को ले राजस्व विभाग के चक्कर काट रहे परिवादी का यह मामला उस समय चर्चित हो गया जब जोधपुर के अतिरिक्त जिला कलक्टर विजय सिंह नाहटा परिवादी से इस मामले में अपने ऑफिस में ही दस हज़ार की रिश्वत लेते हुए एसीबी की गिरफ्त में आए थे।

जिला कलक्टर के आदेश पर गुरुवार को उपजिला मजिस्ट्रेट डॉ. लक्ष्मीनारायण बुनकर प्रशासनिक और सुरक्षा जाप्ते के साथ पप्पूदास के खसरा न. 865पर पहुंचे और विशेष टीम से राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 8 बीघा 10 बिस्वा भूमि की पैमाइश करने को कहा। टीम ने पांच घण्टे तक खेत के चारों तरफ पैमाइश की।उसके बाद पूर्व दिशा में खसरा न 866 में से दस फुट भूमि को शामिल कर परिवादी के हाथों से पत्थरगढ़ी करवाई।

इस दौरान अतिक्रमियों द्वारा परिवादी की भूमि में खड़े किए पत्थरों को हटाकर खातेदारी के अनुसार पैमाइश की गई। इसके साथ खेत की चारों भुजाओं को नापने के बाद पथरगढ़ी का कार्य भी पूरा करवाया गया।इस मामले में पूर्व की तरफ दस फुट भूमि का दोनों खातेदारों में विवाद था।


ये है मामला

पांच वर्ष पूर्व परिवादी पप्पूदास के पक्ष में सीमांकन और पत्थरगढ़ी का सहायक कलक्टर न्यायालय पीपाड़सिटी की ओर से डिक्री आदेश जारी था। लेकिन इसकी पालना कराने में परिवादी को लोहे के चने चबाने के बाद भी न्याय नहीं मिला। बीच बीच मे स्थानीय प्रशासन ने भी कई बार सीमांकन किया लेकिन दोनों पक्षों में विवाद थम नही सका। तो अतिरिक्त जिला कलक्टर नाहटा के समक्ष दावा किया और उन्होंने आदेश के लिए परिवादी से रिश्वत की मांग रख दी। उसके बाद ये मामला राज्य स्तर पर चर्चित हो गया।


सुरक्षा के कड़े प्रबंध

परिवादी के खेत के सीमांकन और पत्थरगढ़ी के दौरान संभावित विवाद को देखते हुए उपजिला मजिस्ट्रेट डॉ. बुनकर के साथ तहसीलदार गलबाराम मीणा, पुलिस थानाधिकारी प्रेमदान रतनू, बोरुंदा थानाधिकारी बाबूलाल राणा, भोपालगढ़ थानाधिकारी डॉ. मनोहर बिश्नोई सहित पुलिस लाइन से पचास जवानों का सुरक्षा जाप्ता और राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे।


परिवादी का अतिक्रमण भी हटा

सीमांकन के दौरान पश्चिमी की तरफ रास्ते की सरकारी भूमि पर पप्पूदास के अतिक्रमण से भी भूमि को मुक्त करवाया गया। उसके खातेदारी के अनुसार सीमांकन के बाद भी वो संतुष्ट नही हो पा रहा था।जिस पर विशेष टीम ने मौका की फर्द रिपोर्ट बना कर उपस्थित ग्रामीणों से हस्ताक्षर करवाए। लेकिन परिवादी ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।

ये थी टीम

बोरुंदा के भू-अभिलेख निरीक्षक प्रहलाद राम के नेतृत्व में टीम गठित कर साथीन के भू अभिलेख निरीक्षक कैलाश मीणा, हल्का पटवारी सोहनलाल, मालावास पटवारी महेंद्र सोलंकी, बुचकलां पटवारी भंवरलाल बिश्नोई शामिल थे।

इन्होंने कहा

मेरे खेत में बने अतिक्रमी के धोरे को हटाया नहीं, पुलिस ने मुझे ही पाबंद किया।
-पप्पूदास, परिवादी

परिवादी पप्पूदास की राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भूमि का विशेष टीम की ओर से सीमांकन करवा कर परिवादी की उपस्थिति में पत्थरगढ़ी का कार्य पूरा करवाया गया।
-डॉ. लक्ष्मीनारायण बुनकर,उपजिला मजिस्ट्रेट पीपाड़सिटी