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डेंगू व चिकनगुनिया का मच्छर एक, इस बार डेंगू वायरस रहा ज्यादा सक्रिय

फ्लेविविरिडे फ्लेविवायरस डेंगू ने बनाया एडिज को वाहक
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Dengue and Chikungunya mosquito are one

Dengue and Chikungunya mosquito are one

जोधपुर. डेंगू और चिकनगुनिया एक ही प्रकार के मच्छर काटने से होते हैं, लेकिन लोग सर्वाधिक बीमार इन दिनों डेंगू से हो रहे है। इस बार वातावरण फलेविविरिडे फ्लेविवायरस डेंगू ज्यादा सक्रिय रहा। इसी कारण जोधपुर में साढ़े सात सौ मरीज एलिजा टेस्ट से डेंगू पॉजिटिव सामने आए है। इसके अलावा कार्ड टेस्ट के जरिए अब तक १५ हजार से अधिक डेंगू रोगी सामने आ चुके हैं।

जबकि चिकनगुनिया देने वाला टोगाविरिडे अल्फ ावायरस मौसम में ज्यादा सक्रिय नहीं रहा। इस कारण जोधपुर का आंकलन देखे तो इस साल महज ५ रोगियों को चिकनगुनिया हुआ है।

ये फर्क हैं डेंगू-चिकनगुनिया में
पिछले कुछ सालों में डेंगू बुखार चिकनगुनिया से ज्यादा आम और खतरनाक हो गया है लेकिन चिकनगुनिया से होने वाला जोड़ों का दर्द कई सालों तक रह सकता है। डेंगू के लक्षण संक्रमण के बाद 3-4 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। दवा और आराम के साथ लगभग 3-4 सप्ताह में कम हो जाते हैं। चिकनगुनिया के लक्षण संक्रमण के 2-4 दिनों के भीतर बुखार की अचानक शुरुआत के साथ शुरू होते हैं और कम होने में हफ्तों या महीनों का समय लग जाता है। चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षणों में बुखार, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, आंखों में संक्रमण और लाल दाने होते है। जबकि शुरू में डेंगू के लक्षणों में बुखार,जोड़ों में दर्द, आंखों में दर्द और लाल दाने शामिल हैं। चिकनगुनिया में शरीर और हाथों पर लाल दाने दिखाई देते हैं, जबकि डेंगू में बांहों और चेहरे पर दिखाई देते हैं। चिकनगुनिया में जोड़ों के दर्द का अनुभव हाथ, कलाई, तलवे और पैरों में होता है। जबकि डेंगू में इसका अनुभव कंधों और घुटनों में होता है।

ये भी जान लें
चिकनगुनिया और डेंगू दोनों ही एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाली मच्छर जनित बीमारियां हैं। एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से डेंगू फैलने की अधिक संभावना है जबकि एडीज अल्बोपिक्टस से चिकनगुनिया वायरस फैलने की अधिक संभावना है। हालांकि, दोनों प्रकार के मच्छर चिकनगुनिया और डेंगू दोनों बीमारियों को फैला सकते हैं।

इनका कहना
इस बार वातावरण में डेंगू का वायरस ज्यादा सक्रिय रहा है। एेसे में वायरस कंट्रोल के लिए वाहक को कंट्रोल करना जरूरी है। मुख्य वाहक एडिज मच्छर है। इसलिए मच्छरों पर भी बराबर नियंत्रण रखा जाए।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज