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dhanteras 2023: 5 शुभ योगों में मनेगी धनतेरस, जानिए खरीदारी और पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त

dhanteras 2023: दीपोत्सव का आगाज शुक्रवार को भगवान धन्वंतरि के प्राकट्स दिवस धनतेरस के रूप में किया जाएगा। परंपरानुसार, धन और समृद्धि के लिए धनतेरस मंत्र के साथ देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाएगी। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि शुक्रवार को दोपहर 12:35 बजे शुरू होगी।

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dhanteras 2023 shubh muhurat: दीपोत्सव का आगाज शुक्रवार को भगवान धन्वंतरि के प्राकट्स दिवस धनतेरस के रूप में किया जाएगा। परंपरानुसार, धन और समृद्धि के लिए धनतेरस मंत्र के साथ देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाएगी। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि शुक्रवार को दोपहर 12:35 बजे शुरू होगी। यह तिथि अगले दिन शनिवार को दोपहर 1:57 बजे तक रहेगी। चूंकि धनतेरस का त्योहार प्रदोष काल में मनाने की परंपरा है, इसलिए यह शु्क्रवार को मनाई जाएगी। किला रोड महादेव अमरनाथ के पं कमलेश कुमार दवे के अनुसार, धनतेरस पर 4 राजयोग और एक 1 शुभ योग सहित 5 योगों का महासंयोग रहेगा। इन 5 योगों के कारण धनतेरस और भी खास हो जाएगी। इसमें प्रीति, वरिष्ठ, सरल, शुभकर्तरी और सर्वार्थसिद्धि योग शामिल हैं। इस दिन यमदीप दान भी किया जाएगा।

सोना-चांदी सहित अन्य वस्तुओं की खरीदारी
इस दिन शुभ मुहूर्त में सोना, चांदी, पीतल की वस्तुएं, मकान, वाहन, घरेलू जरूरत के सामान आदि खरीदे जाएंगे। पं प्रेमप्रकाश ओझा व पं. अनीष व्यास ने बताया कि धनतेरस के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इनके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो सेक्टर, गारमेंट आदि अन्य क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी होगी।

धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त
- प्रदोष काल- शाम 5:46 से रात 8:25 बजे तक।
- वृषभ लग्न का मुहूर्त- शाम 6:08 से रात 8:05 बजे तक।
- दीपदान शाम 5:46 से रात 8:26 बजे तक।

खरीदारी का शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.43 से दोपहर 12:26 बजे तक।
- शुभ चौघडिय़ा सुबह 11.59 से दोपहर 1.22 बजे तक।
- चर चौघडिय़ा शाम 4.07 से शाम 5.30 बजे तक।

धनतेरस पर आज उपलब्ध रहेगा धन (मिट्टी) खेजड़ी
धनतेरस पर लुप्त होती पुरातन परंपरा को जीवित रखने के उद्देश्य से किला रोड स्थित गज महालक्ष्मी मंदिर परिसर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धनतेरस के दिन शुक्रवार को धन (मिट्टी) खेजड़ी सहित उपलब्ध होगी। मंदिर के पुजारी प्रभाकर श्रीमाली ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर मिट्टी व खेजड़ी स्वरूपा धन घर लाने के बाद पांच दिन तक इसकी घर पर पूजा होती है व घर में स्थिर लक्ष्मी का निवास होता है। दीपोत्सव का लेकर बाजार में उत्साह का माहौल है। धनतेरस से पहले ही बाजार खरीदारों से रौनक है, जो बाजार के लिए अच्छे संकेत है। वहीं, व्यापारियों ने भी धनतेरस के मद्देनजर तैयारियां कर ली है।