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‘धनवंतरी’ मनाएंगे दिवाली, ‘हेनिमेन व बुकरात’ के हाथ खाली

- एनएचएम में 597 आयुर्वेद चिकित्सक नियमित, हाथ मलते रह गए होम्योपैथी के 571 व यूनानी के 154 डॉक्टर
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‘धनवंतरी’ मनाएंगे दिवाली, ‘हेनिमेन व बुकरात’ के हाथ खाली

‘धनवंतरी’ मनाएंगे दिवाली, ‘हेनिमेन व बुकरात’ के हाथ खाली

जोधपुर. इस बार की दिवाली भगवान धनंतवरी को मानने वाले आयुर्वेद चिकित्सकों की होगी। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संविदा पर कार्यरत 597 आयुर्वेद चिकित्सकों को नियमित करने का फैसला किया है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई। दस्तावेज जांच का कार्य चल रहा है। दिवाली तक सभी राज के स्थाई कार्मिक हो जाएंगे, लेकिन एनएचएम में संविदा पर कार्यरत हेनिमेन को मानने वाले होम्योपैथी के 571 चिकित्सक और बुकरात की यूनानी चिकित्सा पद्धति से जुड़े 154 चिकित्सक निराश ही होंगे।

होम्योपैथी और यूनानी की अंतिम स्थाई भर्ती 2013 में आई थी। इस भर्ती के बाद सरकार ने पदों पर ही कुल्हाड़ी चलाते हुए होम्योपैथी के 160 पद और यूनानी के 180 पद समाप्त कर दिए। प्रदेश में होम्योपैथी डॉक्टरों के मात्र 296 और यूनानी के 396 पद बचे हैं, जबकि आयुष की अन्य चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में 4 हजार 437 पद है। इसके बाद सरकार ने संविदा आधार पर वर्ष 2016 में होम्योपैथी व यूनानी चिकित्सकों का चयन राजस्थान सेवा नियमों के आधार पर परीक्षा के जरिए किया।

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प्रदेश में आयुष चिकित्सा के हाल
1 आयुर्वेद
पंजीकृत चिकित्सक-10948
स्वीकृत पद- 4437
कॉलेज-10
प्रतिवर्ष प्रवेश-700
प्रतिवर्ष पंजीकृत-455
आयुर्वेदिक चिकित्सालय-33
आयुर्वेदिक औषधालय-3578
........................

2 होम्योपैथी
पंजीकृत चिकित्सक-9532
स्वीकृत पद-296
कॉलेज-10
प्रतिवर्ष प्रवेश-780
प्रतिवर्ष पंजीकृत-520
होमिओपैथी चिकित्सालय-6
होमिओपैथी औषधालय-186
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3 यूनानी
पंजीकृत चिकित्सक-1296
स्वीकृत पद-396
कॉलेज-3
प्रतिवर्ष प्रवेश-140
प्रतिवर्ष पंजीकृत-85
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नए पद सृजित करें, नियमित भी करें
सरकार ने जन घोषणा पत्र में सभी को नियमित करने का वादा किया था लेकिन अब वह इससे मुकर गई। संविदा पर कार्यरत होम्योपैथिक और यूनानी चिकित्सको को भी नियमित किया जाना चाहिए।
- धीरज गोयल, सदस्य, होम्योपैथिक, यूनानी संविदा चिकित्सक संघर्ष समिति, जोधपुर