वोट मांगने नहीं आया, आपके माध्यम से माहोल बनाने आया हूं

वोट मांगने नहीं आया, आपके माध्यम से माहोल बनाने आया हूं

Amit Dave | Publish: Sep, 16 2018 11:07:18 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

काव्यांजलि व प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन

जोधपुर।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे में शाम को मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित काव्यांजलि व प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में भाग लिया। शाह ने बुद्धिजीवियों से कहा कि मैं वोट मांगने नहीं आया हूं, बल्कि आपके माध्यम से माहोल बनाने आया हूं। आप बुद्धिजीवी लोगों को दुनिया मानती है, अनुसरण करती है। आपके फैसले समाज पर असर छोड़ते है। आपके निर्णय समाज का मार्गदर्शन करते है कि देश को किस दिशा में जाना है।

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गठबंधन केवल मोदी को हटाने के लिए

शाह ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुद्धिजीवी कार्यकर्ताओं की टोली है। दूसरी ओर एेसी पार्टी है जिसका नेता तय नहीं, नीति या सिद्धांत तय नहीं, अनुभव-उपलब्धि नहीं। एेसी सरकार देश को किस दिशा में ले जाएगी। अब देश को तय करना है कि देश को कहां ले जाना है। उन्होंने कहा कि एक गलत फैसला , एक गलत वोट देश को पीछे ले जा सकता है। वर्ष 2013 में देश के क्या हाल थे। देश में अनिर्णायक सरकार काम कर रही थी। जिसमें हर नेता अपने आप को प्रधानमंत्री मानता था और प्रधानमंत्री को कोई प्रधानमंत्री नहीं मानता था। करोड़ों के भ्रष्टाचार के घोटाले उजागर हुए, आंदोलन हुए और मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राजस्थान की जनता ने भी दो तिहाई बहुमत से एनडीए को शासन दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने देश का सम्मन बढ़ाने का काम किया। गठबंधन पर शाह ने कहा कि कभी सपा-बसपा एक दूसरे को मारने पर उतारु पार्टिया थी। आज सभी गठबंधन के नाम पर गर्व से एक होकर मोदी को हराने की बातें कर रहे है। इसका मतलब यह हुआ कि मोदी को अकेले हराने की क्षमता किसी की नहीं है।

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आपके भरोसे चुनाव लडेंगे

शाह ने कहा कि भाजपा देश के विकास की लडाई अकेली नहीं लडेगी। भाजपा बुद्धिजीवियों के भरोसे चुनाव लड़ेगी। उन्होंने बुद्धिजीवियों से सिर्फ वोट डालने के लिए ही नहीं कहा। उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवी माहोल बनाए का प्रयास करे। माहोल से एक वेव बनाने का प्रयास करे, वेव को आंधी में परिवर्तित करने का और आंधी को सुनामी में परिवर्तित करने का प्रयास करे। एेसी सुनामी, जो गठबंधन को बहा ले जाए। आप लोग गठबंधन की भ्रांतियों-भ्रम में नहीं उलझकर सही निर्णय ले।

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अटलजी को याद किया

इससे पूर्व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके कार्यो को याद किया। उन्होंने कहा कि हर पार्टी का उतार चढाव आया है। भाजपा का उतार चढ़ाव ज्यादा ही आया। लेकिन अटलजी के करिश्माई नेतृत्व की वजह से पार्टी टूटी नहीं। उनके नेतृत्व में पार्टी ने हर पराजय को हजम किया व उसको जीत में परिवर्तित किया। उन्होंने कहा कि आज अटलजी की मासिक पुण्य तिथि है। देशभर में काव्यांजलि कार्यक्रमों के माध्यम से उनको श्रद्धांजलि दी जा रही है। बांग्लादेश की लडाई के समय अटलजी ने इंदिरा गांधी का समर्थन किया था। क्योंकि बांग्लादेश दल का नहीं देश का मसला था। अटलजी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने पोकरण में परमाणु शक्ति परीक्षण के माध्यम से जोधपुर मारवाड़ को विश्व में अलग पहचान दिलाई। इससे पूर्व काव्यपाठ कर पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी गई।

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नेताओं की जुबान फिसली

पंचारिया को लोकसभा सचेतक बतायाशाह ने अपने भाषण के शुरू में नारायणलाल पंचारिया को लोकसभा सचेतक बताया। जबकि वह राज्यसभा में सचेतक है।भाजपा के सदस्य 11 हजार करोड़ बता दिएराजसिको अध्यक्ष मेघराज लोहिया ने भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बताते हुए भाजपा के 11 हजार करोड़ सदस्य बताए। जबकि देश की जनसंख्या ही करीब 125 करोड़ है।

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