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सिस्टम से लडऩा मुश्किल, महापौर ने हिम्मत तो दिखाई : सालेचा

उप महापौर देवेन्द्र सालेचा ने नगर निगम में भ्रष्टाचार को लेकर महापौर की ओर से एसीबी में शिकायत को स्वागत योग्य बताया है। सालेचा ने कहा कि यह शिकायत किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है।
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सिस्टम से लडऩा मुश्किल, महापौर ने हिम्मत तो दिखाई : सालेचा

जोधपुर. उप महापौर देवेन्द्र सालेचा ने नगर निगम में भ्रष्टाचार को लेकर महापौर की ओर से एसीबी में शिकायत को स्वागत योग्य बताया है। सालेचा ने कहा कि यह शिकायत किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं है। महापौर ने गत वर्ष नवंबर में एसीबी को लिखे पत्र में एसीबी को सिस्टम में आ रही समस्या की जानकारी देते हुए जांच की मांग की थी। एसीबी को गुंजाइश लगी तभी परिवाद दर्ज किया है।

'पत्रिकाÓ से बातचीत में सालेचा ने कहा कि सिस्टम की खामियां किसी से छिपी नहीं हैं। इनसे सीधे तौर पर पब्लिक को नुकसान हो रहा है। महापौर ने सिस्टम के सुधार के लिए एसीबी को पत्र दिया था, ताकि आमजन को राहत मिल सके। इसी बात को लेकर बवंडर खड़ा हो गया। अब विवादों में पडऩे की बजाय समाधान की ओर बढऩा होगा।

विवाद से कोई फायदा नहीं है। महापौर का यह कदम सभी के लिए स्वागत योग्य है। उन्होंने इतनी हिम्मत तो दिखाई है। सिस्टम से लडऩा आसान नहीं है। उसका उदाहरण सभी देख रहे हैं। अब सुधार की तरफ बढऩा चाहिए। किसी को उद्धेलित होने की आवश्यकता नहीं है। सिस्टम में कोई बाधा है तो उसको दूर किया जाना चाहिए।

इन दिनों नगर निगम के सभी कार्मिक व अधिकारी महापौर की ओर से एसीबी में दर्ज किए गए परिवाद के बाद खफा है। सभी का कहना है कि उनसे किसी काम की उम्मीद नहीं की जाए। जबकि थोड़े दिन पहले दो कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति समारोह में भी अधिकारियों की नाराजगी महापौर के समक्ष साफ नजर आई।

बढ़ रही शिकायतें, भुगत रही जनता
नगर निगम में हर रोज सौ-डेढ़ सौ शिकायती पत्र आते हैं। ज्यादा समस्या अवैध निर्माण, रोड लाइट, सीवरेज और क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर होती हैं। ये शिकायतें संबंधित सेक्शन अधिकारियों के पास चली जाती हैं। लेकिन इन मामलों में क्या कार्रवाई होगी, इस संबंध में आमजन के पास कोई जवाब नहीं पहुंचता। आम शिकायत यह है कि जनप्रतिनिधि व अधिकारी वाट्सएप के जरिए भेजी गई समस्याओं पर भी संज्ञान नहीं लेते।