AGRICULTURE--जिले में 50 करोड़ मूल्य फसलों की सीधी खरीद हुई

- धरतीपुत्रों को रास आई सीधी खरीद
- राज्य व केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में फ सल विक्रय के लिए किसानों को दिया था नया विकल्प

By: Amit Dave

Published: 15 Nov 2020, 12:14 PM IST

जोधपुर।
कोरोनाकाल में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को खेत से ही सीधी खरीद करने की छूट वाली योजना किसानों को खूब रास आई है। राज्य व केंद्र सरकार ने सीधी खरीद के लिए प्रसंस्करण इकाइयों को अनुज्ञापत्र जारी करने और वेयरहाउस को गौण मंडी का दर्जा दिया था। इससे किसानों ने प्रोसेसिंग इकाइयों को सीधे ही फसल बेच दी और महामारी के समय में मंडियों के चक्कर व ट्रांसपोर्ट के खर्चे से भी बच गए। प्रोसेसिंग इकाइयों को लॉकडाउन के कारण वर्षभर इकाई चलाने के लिए कच्चे माल के रूप में फ सलों की आवश्यकता थी। मंडियो में सामान्य कारोबार शुरू नही हो पा रहा था। सरकार से मिली छूट का प्रोसेसिंग इकाइयों व किसानों ने पूरा फायदा उठाया।
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प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा किसानों से सीधी फसल खरीद
- 2 हजार मीट्रिक टन जीरा की खरीद ।
- 3 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद ।
- 50 करोड़ मूल्य की फ सलों की सीधी खरीद प्रसंस्करण इकाइयों ने की थी जिले में।
- 70 इकाइयों को अनुज्ञापत्र जारी किए।
- 25 इकाइयों ने किसानों से सीधी खरीद की।
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सरकार की ओर से लॉकडाउन की शुरुआत में किसानों यह सुविधा दी गई थी, जिसका किसानों ने फायदा उठाया।
सुरेन्द्रसिंह, सचिव
जोधपुर कृषि उपज मंडी समिति

Amit Dave Reporting
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