
सपने देखना किसे अच्छा नहीं लगता और जब कोई जीवन की दशा और दिशा बदलने वाला सुनहरा सपना साकार हो जाए तो उस खुशी को बयां करना आसान नहीं होता। ऐसा ही सुंदर सपना नारी निकेतन में पली बढ़ी दिव्यांग इंदु ने भी देखा। अपनी शादी से जन्म-जन्म का साथी पाकर सपना जीवन्त होते देख इंदु की खुशी का ठिकाना न था। कुछ कर दिखाने का जज्बा रखने वाली इंदु की शादी का गवाह पूरा शहर बना। नारी निकेतन के पूरे स्टाफ ने भी अपनी लाडली बेटी का विवाह धूमधाम से किया। वहीं ओसियां से बारात आने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत भी किया गया।
शुभ मुहर्त में हुए फेरे
बारात के साथ दूल्हा मघाराम के घोड़ी पर सवार होकर विवाह स्थल पहुंचने पर शुभ मुहूर्त में तोरण की परम्परागत रस्म का निर्वाह किया गया। इसके बाद नव-युगल ने एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली। इस दौरान जोड़ों पर गुलाब पुष्प की पंखुरियों की वर्षा होती रही। वहीं आचार्य ने वैदिक मंत्रों और विधि-विधान से सात जन्मों का वचन दिलाते हुए फेरे करवाकर विवाह संपन्न करवाया। इंदु ने पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन का सफर शुरू किया। मन उमंगों से तरंगित हुआ तो दिव्यांगता और बचपन का दंश पीछे छूट गया।
समाज कल्याण विभाग व नारी निकेतन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सहित शहरवासी इंदु की शादी के साक्षी बने और नव जोड़े को आशीर्वाद दिया। बता दें कि जोधपुर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई उसे कमेटी के अध्यक्ष अतिरिक्त जिला कलेक्टर एमएल नेहरा के कंधों पर जिम्मेदारी थी कि इंदु के लिए एक अच्छा दूल्हा तलाश करें।
Published on:
17 Dec 2023 10:34 am
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