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डोर टू डोर नहीं, पॉइंट टू पॉइंट कचरा उठा कर हर माह वसूलेंगे 90 लाख, आगामी तीन माह में शुरू हो जाएगी वसूली

हले जिन वार्डों में व्यवस्था लागू हुई थी तो निगम बोर्ड ने छह माह के लिए वसूली पर रोक लगा दी। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य वार्ड भी इसमें जोड़ दिए गए। अब पुराने निगम सिस्टम के हिसाब से पूरे 65 वार्ड जुड़ गए हैं। इसी कारण पिछले कुछ माह में वसूली भी शुरू हो गई।
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door to door waste collection in jodhpur by nagar nigam

डोर टू डोर नहीं, पॉइंट टू पॉइंट कचरा उठा कर हर माह वसूलेंगे 90 लाख, आगामी तीन माह में शुरू हो जाएगी वसूली

अविनाश केवलिया/जोधपुर. पूरे शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू करने का दावा किया जा रहा है। इसी सुविधा के दावे पर हाल ही में शहर के कई मोहल्लों से हर माह की राशि वसूलने का अधिकार भी इन फर्मों को दे दिया गया। लेकिन जो सबसे बड़ा विरोध सामने आ रहा है वह व्यवस्था शत-प्रतिशत लागू नहीं होना है। लेकिन इन सब के बीच करीब आठ फर्म शहर से 90 लाख रुपए की वसूली करने की तैयारी कर चुकी है।

पिछले एक साल से शहर मे डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने के लिए नगर निगम प्रयास कर रहा है। पहले जिन वार्डों में व्यवस्था लागू हुई थी तो निगम बोर्ड ने छह माह के लिए वसूली पर रोक लगा दी। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य वार्ड भी इसमें जोड़ दिए गए। अब पुराने निगम सिस्टम के हिसाब से पूरे 65 वार्ड जुड़ गए हैं। इसी कारण पिछले कुछ माह में वसूली भी शुरू हो गई। लेकिन निगम के अधिकारी खुद मानते हैं कि कचरा संग्रहण करने वाली फर्म शत-प्रतिशत काम नहीं कर रही है। इसी कारण पिछले दिनों से जुर्माना लगाने का काम भी शुरू किया गया है।

फेक्ट फाइल
- 1.75 लाख से अधिक मकान आते है डोर टू डोर कचरा संग्रहण के दायरे में।
- 225 से अधिक वाहन लगे हैं जोधपुर शहर में कचरा संग्रहण करने वाले।
- 800 मकान कवर करता है एक वाहन।
- 50 रुपए है एक मकान से लिए जाने वाला शुल्क।
- 90 लाख से ज्यादा होगी वसूली जब पूरा शहर कवर होगा।

लगाया जुर्माना भी
नगर निगम ने खुद मौका स्थिति जांची तो कई कमियां सामने आई। पहली बार इस व्यवस्था की ग्राउंड ऑडिट की गई। इसमें तीन फर्मों की लापरवाही सामने आई। अधिशासी अभियंता संजय पुरोहित ने बताया इन फर्मों पर 30 हजार से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा कई लोग शिकायत लेकर भी निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं।

डोर टू डोर से कैसे बन गया पॉइंट टू पॉइंट
स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे अंक डोर टू डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को शत-प्रतिशत लागू करने पर ही बेहतर होते हैं। ऐसे में इस बार सर्वे से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी गई। लेकिन अब भी घरों की बजाय ये वाहन हर मोहल्ले में बने कचरा पॉइंट से ही कचरा उठाते हैं। अधिकांश घरों तक इन वाहनों की सीधी पहुंच नहीं हैं। इसी कारण सफाई व्यवस्था अब भी अव्वल दर्जे की नहीं हो पा रही। पॉइंट पर सफाई व्यवस्था पहले से ही निगम करवा रहा था, ऐसे में अब नई फर्म भी वही काम कर रही है।

जीपीएस ट्रेकिंग के लिए खाली घुमा देते हैं वाहन
इन वाहनों की जीपीएस ट्रेकिंग भी होती है। इसीलिए कई वाहन चालक अपने निर्धारित रूट पर वाहनों को खाली ही घुमा देते हैं। यह भी बीते दिनों निगम की ऑडिट में सामने आया है।