
Dr. Bhimrao Ambedkar, schools in jodhpur, education in jodhpur, Education News, residential schools, jodhpur news, jodhpur news in hindi
जोधपुर. उनके इरादे बुलंद हैं। अपनी मेहनत और लगन के बल पर पहले उन्होंने सफलता का परचम फहराया। दृढ़ निश्चय और पक्के इरादे के साथ मेहनत करते हुए वे आज ऐसे मुकाम पर हैं, जिन पर शहर को नाज है। जर्मन की केएफडब्ल्यू संस्था के सहयोग से बना डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय आवासीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मण्डोर को आमतौर पर पिछड़े विद्यार्थियों का विद्यालय कहकर मुख्यधारा से अलग मान लिया जाता है। इसमें पढ़े विद्यार्थियों ने सारी तदबीरें उलट दी हैं। यहां के एल्युमिनी प्रदेश और देश में जोधपुर का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानाचार्य सुरेशाराम की जुबानी इस विद्यालय से निकले मेधावी विद्यार्थियों की सक्सेस स्टोरी।
इन्होंने बनाई सक्सेस हिस्ट्री
कई विद्यार्थियों ने एमबीबीएस किया। प्रमुख रूप से राहुल चौहान, अशोक मोसलपुरी, चैनरूप, देवेंद्र इणक्या, अशोक चौहान, आकाश वाघेला और राजू बंशीवाल आदि। कई विद्यार्थियों ने बीपीटी, बीएएमएस किया। इनमें कमलेश चौहान और महेंद्र धांधू आदि के नाम शामिल हैं। यहां के कई विद्यार्थियों ने नर्सिंग को कॅरियर चुना और एम्स नई दिल्ली, लेडी हार्डिंग चिकित्सा संस्थान नई दिल्ली और राजस्थान के चिकित्सालयों में सेवाए दे रहे हैं। कई विद्यार्थियों ने भारतीय प्रौद्यागिकी संस्थान से बीटेक किया। इनमें संजय नामा, अशोक इणक्या और मनोहर लावा के नाम प्रमुख हैं। यहां के विद्यार्थियों ने एनआईटी और राज्य तकनीकी महाविद्यालय से बीटेक भी किया है। इनमें जितेंद्र भण्डारी, भगवानदास, हनुमान मीणा, पप्पूराम भील, राजूराम, शैतानराम, राजनालसिंह और रूपाराम आदि शामिल हैं।
कानून, पुलिस और तकनीक में भी पीछे नहीं
- इन होनहारों में वे भी शामिल हैं, जिन्होंने कानून के क्षेत्र को अपनाया और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर, गांधीनगर, बेंगलूरु और नई दिल्ली से एलएलबी कर रहे हैं। इनमें धारू लीलावत, राजूराम, मुकेश सेजू, भट्टराज, राकेश नामा और कैलाश लीलावत आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। राजस्थान में लेखा, शिक्षा, कृषि, पुलिस और तकनीकी क्षेत्र में सेवा दे रहे हैं राजू लीलावत, अशोक अणक्या छोटूराम, कैलाश हाडुप्रकाश ढोली और जितेन्द्र खारोल आदि।
- इस विद्यालय के कई विद्यार्थियों ने तीरंदाजी के क्षेत्र में भी लोहा मनवाया है। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भाग लिया है और मुख्यमंत्री खेल छात्रवृत्ति भी प्राप्त कर रहे हैं। ये तीरंदाज हैं मसनन देवेंद्रसागर, पारसराम, अनूपकुमार गुर्जर और मूलाराम आदि।
सेवा का जज्बा
विद्यालय में स्काउट के दो ट्रुप का संचालन किया जा रहा है। स्काउटर सभी गतिविधियों में भाग लेते हैं। यहां के विद्यार्थियों ने जिला स्तर पर स्थान प्राप्त किया। अब तक 4 छात्रों को को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
ऐसे शुरू हुआ था यह स्कूल
डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय आवासीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मण्डोर 9 सितम्बर 2003 को विधिवत रूप से शुरू हुआ। यह विद्यालय सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में है और राजस्थान रेजिडेन्शियल एजुकेशनल सोसाइटी की ओर से संचालित है। विद्यालय मूल रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग, लेकिन मेधावी छात्रों के लिए बना है। इसके हॉस्टल के 28 कमरों में 560 छात्रों के रहने की व्यवस्था है।
बढ़ता गया कारवां
शुरू में विद्यालय माध्यमिक था। सन् 2009 में उच्च माध्यमिक कर दिया गया। वर्तमान में उच्च माध्यमिक स्तर पर विज्ञान वर्ग के साथ वाणिज्य संकाय शामिल हैं। करीब 32 बीघा जमीन पर विद्यालय भवन, छात्रावास, भोजनालय और नर्सिंग रूम के साथ स्टाफ के लिए 22 आवास बने हुए हैं।
एक अनूठा स्कूल
विद्यालय में प्रवेश के लिए राज्य सरकार की ओर से मई में प्रवेश के लिए विज्ञप्ति जारी की जाती है। वैसे तो विज्ञप्ति कक्षा 6 के लिए ही जारी होती है, लेकिन साथ ही शेष कक्षाओं में रिक्त रही सीटों के लिए भी रिक्तियां निकाली जाती हैं। प्रवेश के लिए पात्रता मेरिट के आधार पर व आवश्यक शर्त छात्र का बीपीएल परिवार होना जरूरी है। यह विद्यालय प्रवेश प्रक्रिया से ही लोक कल्याणकारी राज्य की पवित्र सोच साकार करता है। स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता अपनाई गई है। पहली प्राथमिकता अनाथ बालक, उसके बाद विधवा पुत्र, उसके बाद बीपीएल परिवार और उसके बाद 2.50 लाख रुपए से कम आय के परिवार के विद्यार्थी यहां दाखिला दिया जाता है।
Published on:
08 Jul 2018 09:18 am
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
