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nano technology से बनी कैंसर दवाई को मिला अमरीकी पेटेंट, जोधपुर के डॉ रमेश ने किया है शोधकार्य

शरीर में कैंसर की गांठ होने पर आस-पास का क्षेत्र अम्लीय हो जाता है। इससे कैंसर कोशिकाएं एक जगह से दूसरी जगह फैलनी शुरू हो जाती है। नैनो कैल्शियम कार्बोनेट इंजेक्शन से कैंसर की कोशिकाओं तक पहुंच वहां अम्लीय माध्यम को उदासीन कर देते हैं, जिससे कैंसर की वृद्धि रुक जाती है।
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dr. ramesh raliya research on cancer medicine got american patent

nano technology से बनी कैंसर दवाई को मिला अमरीकी पेटेंट, जोधपुर के डॉ रमेश ने किया है शोधकार्य

जोधपुर. अमरीका स्थित वाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकत्र्ताओं ने नैनो टेक्नोलाजी की सहायता से विशेष प्रकार के कैल्शियम कार्बोनेट नैनोपार्टिकल्स बनाए हैं जो कैंसर कोशिकाओं को शरीर में फैलने से रोकते हैं। नैनो कैल्शियम कार्बोनेट को बनाने की विधि जोधपुर निवासी डॉ रमेश रलिया ने अपने अन्य साथियों अविक सोम, शमूएल अचीलेफू और प्रतिम बिस्वास के साथ विकसित की। विशेष खोज के लिए अमरीकी सरकार के द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है।

खारिया खंगार निवासी डॉ रलिया ने चार वर्ष पहले कैल्सिशयम कार्बोनेट के नैनो कण खोजकर लगातार मेडिकल टेस्ट किए गए और इसके कैंसर ख़त्म करने के प्रभावी गुणों का अध्ययन किया गया। वर्तमान में यह दवाई विश्व के कई देशों में क्लीनिकल परिक्षण के दौर से गुजर रही है।

ऐसे कैंसर को रोकते हैं नैनो कण
शरीर में कैंसर की गांठ होने पर आस-पास का क्षेत्र अम्लीय हो जाता है। इससे कैंसर कोशिकाएं एक जगह से दूसरी जगह फैलनी शुरू हो जाती है। नैनो कैल्शियम कार्बोनेट इंजेक्शन से कैंसर की कोशिकाओं तक पहुंच वहां अम्लीय माध्यम को उदासीन कर देते हैं, जिससे कैंसर की वृद्धि रुक जाती है।