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रोडवेजकर्मी दिखा रहे अपणायत, साथाी चालक-परिचालकों को खिला रहे खाना

  रोडवेज चक्काजाम हड़ताल अनिश्चितकालीन जारी
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जोधपुर

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Amit Dave

Sep 18, 2018

jodhpur

रोडवेजकर्मी दिखा रहे अपणायत, साथाी चालक-परिचालकों को खिला रहे खाना

जोधपुर।

राजस्थान रोडवेज की प्रदेशव्यापी चक्काजाम हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को जारी रही। एेसी स्थ्िित में रोडवेजकर्मी अपणायत का परिचय भी दे रहे है। जोधपुर डिपो के रोडवेजकर्मी अपने साथी चालक-परिचालकों के लिए खाने-रहने की व्यवस्था कर रहे है। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लॉयज युनियन के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बुधाराम डूडी ने बताया कि चक्काजाम हड़ताल के कारण जोधपुर डिपो के बाहर अन्य स्थानों से आई बसों का सोमवार सुबह रोडवेज बस स्टेण्ड पहुंचने के बाद संचालन नहीं हुआ। इस वजह से इन बसों के चालक-परिचालक साथी रोडवेजकर्मियों के साथ हड़ताल में शामिल हो गए। साथी चालक-परिचालकों के खाने के लिए स्थानीय रोडवेजकर्मियों ने डिपो परिसर में ही बने रोकड़ेश्वर महादेव मंदिर में चाय, नाश्ता व भोजन की व्यवस्था की। डूडी ने बताया कि हड़ताल में शामिल जोधपुर डिपो के कर्मचारियों ने राशि एकत्रित कर साथियों व हड़ताली कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की है।

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जारी रही हड़ताल

राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के तत्वावधान में रोडवेज की चक्काजाम हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। मंगलवार को जोधपुर बस स्टेण्ड से एक भी बस नहीं चली और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों का अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को केन्द्रीय बस स्टेण्ड पर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी की। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लॉयज युनियन एटक के प्रदेश सचिव लक्ष्मणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि समझौता वार्ता के दौरान लिखित समझौतों को निर्धारित समयावधि में लागू नहीं करने, सातवां वेतन आयोग लागू करने, पदोन्नति करने, नई बसों की खरीद करने, रोडवेज में विभिन्न पदों पर नई भर्ती करने सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है। मंगलवार को रोडवेज की मंत्रालयिक वर्ग की महिला कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुई। रोडवेज में हड़ताल रहने के कारण दूरदराज से आए लोगों को हड़ताल का पता नहीं था। इस वजह से यात्रियों व रेलवे की परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषकर महिलाओं व बच्चों को बहुत परेशानी हुई। हड़ताल से जोधपुर डिपो में दो दिन में करीब ३० लाख रुपए राजस्व घाटा हुआ और ३० हजार यात्रीभार रोडवेज का इंतजार करता रहा।

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