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Ramadan 2019: नहीं दिखा चांद, रहमत और बरकतों का महीना रमजान का पहला रोजा कल

चांद कमेटी के अध्यक्ष काजी मोहम्मद तैय्यब ने बताया कि पहला रोजा मंगलवार को होगा
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eid celebrations in jodhpur

नहीं दिखा चांद, रहमत और बरकतों का महीना रमजान का पहला रोजा कल

जोधपुर. रहमत और बरकतों का महीना रमजान मंगलवार से शुरू हो जाएगा। इस माह के दौरान अकदीतमंद नमाज, नफील नमाजों व कुरान की तिलावत में वक्त गुजारेंगे। रविवार को चांद नजर नहीं आने और कहीं से भी चांद की शहादत नहीं मिलने के कारण अब पहला रोजा मंगलवार को होगा। चांद कमेटी के अध्यक्ष काजी मोहम्मद तैय्यब ने बताया कि पहला रोजा मंगलवार को होगा। शहर के सोजती गेट, नागौरी गेट, लायकान, सिवांची गेट, मदेरणा कॉलोनी, कमला नेहरू नगर, प्रतापनगर व कबीर नगर, उदयमंदिर धानमंडी, जालोरी गेट हाकिमबाग, कमला नेहरू नगर, आसन भिश्तियों का मोहल्ला, बम्बा, मोती चौक, व्यापारियों का मोहल्ला, मेड़ती गेट,खेतानाडी, खांडा फलसा, बकरा मंडी, चीरघर आदि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में रमजान की रौनक शुरू हो गई है।

रब के करीब होने की तालीम देता है रमजान

रमजान शरीफ का महीना इंसान को न सिर्फ रब के करीब होने के साथ संयम और जुबान व आंख को पाक रखने की तालीम देता है। पड़ौसियों से अच्छा व्यवहार करना, गरीबों को रोजा रखवाना और रोजा खुलवाना इस्लाम की तालीम है। लड़ाई झगड़े से बचना, किसी को जुबान से या हाथ से तकलीफ न पहुंचाना, दिन में रोजा रखने के बाद रात को नफ ील नमाज पढऩा और कुरआन की तिलावत करना रोजे का पैगाम है। अपने माल की जकात देना और गरीबों की मदद करना, यह सबक हमको रमजान की आमद से मिलता है।
-मुफ्ती-ए-आजम शेर मोहम्मद खान रिजवी

रोजा इंसान को एक दूसरे से जोड़ता है
पैगम्बर ए इस्लाम ने फ रमाया कि एक इंसान अगर पेट भर के रात को सोता है और उसके पड़ौस में दूसरा इंसान भूखा रहता है तो फ रिश्ते रात भर उस पर लानत भेजते है। रोजे का फ लसफ ा यही है कि हर इंसान, अमीर हो या गरीब, छोटा हो या बड़ा, फ कीर हो या सुल्तान, जब अल्लाह की रजा के लिए उसके हुक्म के मुताबिक रोजा रखेगा तो अल्लाह बन्दे पर बरकतों की बारिश करेगा। हर इंसान को खुशी इजहार करना चाहिए कि अल्लाह तआला इस महीने में सच्चे दिल से इबादत करने वाले गुनाहगारों के गुनाह माफ फ रमा देता है। रोजा इंसान को एक दूसरे से जोड़ता है।

- काजी मोहम्मद तैयब अंसारी, शहर खतीब व पेश इमाम