
जोधपुर. माहे रमजान में रोजेदारों के इनाम का दिन ईद-उल-फितर शनिवार को हर्षोल्लास के माहौल में अकीदत से मनाया जा रहा हैं। शुक्रवार शाम को जोधपुर में आम चांद नजर आने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों में खुशी की लहर छा गई। ईद के मौके पर लोगा एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दे रहे है। ईद की मुख्य नमाज शनिवार सुबह जालोरीगेट ईदगाह परिसर में हुई। शहर खतीब व अध्यक्ष चांद कमेटी, जोधपुर काजी मोहम्मद तय्यब ने बताया कि जालोरीगेट ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 8.45 बजे अदा की गई। ईदगाह के वसी मैदान में पेश इमाम मौलाना हाजी मोहम्मद याकुब ने ईद की नमाज अदा करवाई। कौम मेड़ती सिलावटान के सदर अब्दुल वदूद ने बताया कि ईद की नमाज सुबह 7.30 बजे पांचवीं रोड एहले-हदीस ईदगाह में अदा की गई। ईद की नमाज से पहले गरीबों को विशेष दान फित्रा दिया गया। ईद की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को देर शाम तक बाजारों में खासी चहल-पहल रही। बाजारों में कई प्रतिष्ठान देर रात भी तक खुले रहे।
जुमातुल विदा की अहमियत बयान माहे रमजान के पांचवें और अंतिम (जुमे) शुक्रवार को जुमातुल विदा की नमाज अदा की गई। शहर की सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में दोपहर को जुमातुल विदा की नमाज अदा करने के लिए रोजेदारों-नमाजियों का सैलाब सा उमड़ा। जालोरी गेट ईदगाह मस्जिद सामूहिक नमाज अदा करने के दौरान नमाजियों से खचाखच भरी नजर आई। बच्चों और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखा गया। मस्जिदों में इमाम विशेष संबोधन ‘खुत्बे’ के दौरान जुमातुल विदा की अहमियत बयान की गई। महिलाओं ने घरों में तरावीह की विशेष नमाज तथा कुरान शरीफ की तिलावत की। माहे रमजान के आखिरी जुमे जमातुल विदा को जोधपुर के कई नन्हे मुन्ने और बुजुर्गों ने भी रोजा रखा।