हिसाब देने में कंजूसी पर लटकी अयोग्यता की तलवार

पीपाड़सिटी (जोधपुर). पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों के सरपंच चुनावों में कई विजेताओं ने लाखों रुपए खर्च किए, वहीं हारे हुए प्रत्याशी भी चुनाव जीतने के लिए पानी की तरह पैसा बहाने में पीछे नहीं रहे।फिर भी राज्य निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत अपने चुनावी लेखा जोखे में निर्धारित खर्च की सीमा लांघने से परहेज कर गए।

By: pawan pareek

Published: 17 Nov 2020, 05:05 PM IST

पीपाड़सिटी (जोधपुर). पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों के सरपंच चुनावों में कई विजेताओं ने लाखों रुपए खर्च किए, वहीं हारे हुए प्रत्याशी भी चुनाव जीतने के लिए पानी की तरह पैसा बहाने में पीछे नहीं रहे। फिर भी राज्य निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत अपने चुनावी लेखा जोखे में निर्धारित खर्च की सीमा लांघने से परहेज कर गए।

सूत्रों के अनुसार पंचायत समिति की पैंतीस ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनाव में एक सौ इकतीस जनों ने दावेदारी पेश कर चुनावी जंग में दमखम दिखाया लेकिन जीते पैंतीस ही। जो जीते उन्होंने भी निर्धारित खर्च की सीमा पचास हजार को लांघने से परहेज किया। वहीं एक अनुमान के अनुसार पंच-सरपंच प्रत्याशियों ने करीब 75 करोड़ रुपए खर्च किए।

लॉकडाउन से खर्चा शुरू

फरवरी 2020 में पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद से ही सरपंच पद के दावेदार सक्रिय हो गए। अनके पंचायतों में दावेदारों ने अपने रसोड़े शुरू कर दिए। लेकिन कोरोना कहर के चलते लॉकडाउन के अनलॉक होते ही रसोड़े फिर शुरू हो गए। इसमें राज्य सरकार का अभियान 'कोई भूखा न सोए` दावेदारों के लिए संजीवनी बन गया।


उन्होंने अपने मतदाताओं पर पकड़ बनाए रखने के साथ विरोधी खेमे में जाने से रोकने के लिए ड्राइफूड किट के हजारों पैकेट की मतदाताओं में आपूर्ति शुरू कर दी,इसके साथ नशेडिय़ों के लिए अफीम,डोडा व शराब की आपूर्ति भी अप्रत्यक्ष रूप से करते हुए लाखों का खर्च कर दिए। उसी का परिणाम रहा कि ऐसे प्रत्याशी चुनाव जीतकर सरपंच बन गए। लेकिन नामांकन पत्र दाखिले से परिणाम घोषित होने की अवधि तक उनकी ओर से प्रस्तुत किया गया चुनावी खर्च का आंकड़ा पचास हजार रुपए भी पार नहीं कर पाया।

इन पर लटकी अयोग्यता की तलवार


राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सरपंच पद के प्रत्याशियों को परिणाम घोषित होने के पन्द्रह दिन के भीतर पंचायत चुनाव रिटर्निंग अधिकारी को चुनावी खर्च का हिसाब पेश करना अनिवार्य होता हैं। इसको लेकर कई नोटिस जारी करने के बाद भी पैंसठ प्रत्याशियों ने हिसाब पेश नहीं किया। ऐसे प्रत्याशियों के विरुद्ध राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सख्त कार्रवाई की संभावना बढ़ गई हैं। ऐसे प्रत्याशियों को भविष्य में पंचायत चुनाव लडऩे से अयोग्य करार दिया जा सकता है।

इनको नोटिस जारी

पंचायत समिति क्षेत्र की पैंतीस पंचायतों में एक सौ चौतीस सरपंच के प्रत्याशियों में से तीन निर्विरोध निर्वाचित सरपंचों के साथ नब्बे दावेदारों ने चुनाव बीतने के बाद भी निर्धारित समयावधि में चुनाव खर्च पेश नही किया है। इस कारण इन्हें फिर से नोटिस जारी कर लेखा जोखा पेश करने की अंतिम चेतावनी दी गई है, इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। जिसमें निलबंन के साथ छह वर्ष तक चुनाव लडऩे से अयोग्य घोषित करने का प्रावधान है।

इनका कहना है

पंचायत चुनाव परिणाम घोषित होने की निर्धारित अवधि के बाद भी चुनावी खर्च का हिसाब पेश नहीं करना निर्धारित सीमा से अधिक खर्च की आशंका पैदा करता है। ऐसे प्रत्याशियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

-शैतानसिंह राजपुरोहित, रिटर्निंग अधिकारी, पंचायत चुनाव।

पीपाड़सिटी।

निर्वाचित सरपंचों का चुनावी खर्च

रियाँ-24500, मादलिया-7001, रावनियाना-18000, चिरढाणी-47700, बोयल-30856, चौढ़ा-27973, भुंडाणा-12250, रतकुडिय़ा-9120, मलार-33665, पालडीसिद्धा-37560, नानण-12500, मालावास-43600, सियारा-21200, बोरुंदा-35000, सिलारी-37800, बुचकलां-25930, तिलवासनी-14200, खवासपुरा-12000, खांगटा-11500, कोसाणा-22925, साथीन-14000, कूड़-28933, खारिया खंगार-28800, सालवा कलां 29000, रामड़ावास-47038, बेनण-7875, कागल-33592, जसपाली-14321, चौकड़ी कलां-10000, खारिया अनावास-45686, सोवणिया-21000 रुपए।

pawan pareek Desk
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