
ज़ैन समाज के पयुर्षण पर्व के प्रति युवा वर्ग में उत्साह
जोधपुर. जैन समाज का महत्वपूर्ण पयुर्षण पर्व इस बार 15 अगस्त से धार्मिक अनुष्ठानों के साथ घरों में ही मनाया जाएगा। जैन समाज का प्रत्येक व्यक्ति जप, तप, पूजा, पाठ, स्वाध्याय, आराधना, दान, पुण्य आदि धार्मिक कार्यो में लीन रहेंगे। इस बार परिवार के बुजुर्गों के मार्गदर्शन में पयुर्षण पर्व मनाए जाने के प्रति जैन समाज के युवाओं में विशेष उत्साह है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण युवा वर्ग भी पयुर्षण से जुड़ी आराधनाओं में शामिल होने का अवसर मिला है। पयुर्षण में संवत्सरी व स्वामीवात्सल्य आदि धार्मिक कार्यक्रम घरों में ही होंगे। दिगम्बर जैन संप्रदाय के 'दसलक्षण पर्व भी 23 अगस्त से प्रारंभ होंगे। दिगम्बर जैन समाज के दीपक गोधा ने बताया की राज्य सरकार से प्राप्त दिशा निर्देशानुसार दिगंबर जैन समाज के लोग घरों में ही संयम, त्याग, तप, आराधना करेंगे।
वैश्विक महामारी कोरोना का असर जैन चातुर्मास में भी देखा गया। साधु-साध्वीवृंद के प्रवचन स्थगित है लेकिन कोरोना के कारण शिक्षण संस्थाएं बंद होने से युवाओं में पयुर्षण पर्व के दौरान यथा शक्ति उपवास, घरों में परिजनों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता के प्रति उत्साह है।
-श्रेया सुराणा
चित्त की शुद्धि, सात्विक बुद्धि, सुखशांति की वृद्धि, दुर्गुणों का विनाश, सदगुणों का विकास, मलिन वृतियों का परिष्कार करने वाले पर्व पयुर्षण के प्रति युवाओं का जुड़ाव इस बार ज्यादा है। पयुर्षण के दौरान स्वाध्याय, जप, तप, उपवास में अधिक समय व्यतीत कर संयम और विवेक का प्रयोग करने का अभ्यास होने का अवसर मिलेगा।
-शिप्रा पटवा
संभवत: यह प्रथम अवसर होगा की जब पर्युषण महापर्व मंदिर अथवा समाज भवन में न होकर घरों में ही सभी परिवार सहित जप तप त्याग स्वाध्याय प्रतिक्रमण करते हुए मनाया जाएगा। यह पर्युषण पर्व इस बार विशेष होगा जिसमें युवा वर्ग भी परिवार सहित धर्माराधना में शामिल होगा।
-मितेश जैन
Published on:
13 Aug 2020 11:24 pm
