फीका पड़ा निर्यात, तो सरकार को याद आई स्टार निर्यातकों की

- देश के स्टार निर्यातकों को फिर मिल सकता है इंसेंटिव स्कीम का लाभ

- अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार को देखते निर्यातकों को प्रोत्साहित करने की योजना

- वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने शुरू किया अध्ययन

By: Amit Dave

Published: 29 Mar 2019, 09:33 PM IST

 

जोधपुर.

अन्तरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार से देश का निर्यात उद्योग भी फीका पड़ा है। निर्यात उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को स्टार निर्यातकों की याद आई है। अगले वित्तीय वर्ष में वैश्विक बाजार की गति को देखते हुए निर्यातकों को फि र से इन्क्रिमेंटल एक्सपोर्ट इंसेटिव स्कीम का लाभ मिल सकता है । निर्यात की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एेसा माहौल रहने पर निर्यातकों को इस स्कीम से राहत दी जा सकती है। इसके लिए केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने अध्ययन शुरू कर दिया है ।निर्यातकों के लिए यह स्कीम वर्ष 2011-12 में शुरू की गई और 2012-13 में बंद कर दिया गया। इसके तहत स्टार दर्जा प्राप्त निर्यातकों यानी बडी मात्रा में निर्यात करने वाले निर्यातकों को सालाना निर्यात में हुई वृद्धि पर 2 प्रतिशत इंसेंटिव सहित कई रियायतें दी जाती थी। वर्तमान में स्टार दर्जा प्राप्त निर्यातकों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं है । हैन्डीकाफ्ट निर्यात के क्षेत्र में जोधपुर लकड़ी के उत्पादों का देश का सबसे बड़ा निर्यातक है । करीब 3 हजार करोड रूपये का निर्यात केवाल जोधपुर से किया जा रहा है ।

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जोधपुर के अधिकांश निर्यातक स्टार श्रेणी के

निर्यात शुरू करने के पहले दो-तीन वर्ष में ही स्टार दर्जे की श्रेणियों के अनुसार निर्धारित राशि का निर्यात करने पर स्टार निर्यातक का दर्जा मिलता है। यह दर्जा केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के अधीन डायक्टोरेट जनरल ऑफ फोरेन ट्रेड की ओर से दिया जाता है। जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन में करीब 800 से अधिक रजिस्टर्ड निर्यातकों में से अधिकांश निर्यातक वन व टू स्टार श्रेणी में शामिल है।

स्टार--- सालना टर्नआेवर राशि

वन स्टार- 15 करोड़ रुपए

टू स्टार- 100 करोड़ रुपए

थ्री स्टार- 500 करोड़ रुपए

फोर स्टार- 1500 करोड़ रुपए

फाइव स्टार- 5000 करोड़ रुपए

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सालाना वृद्धि दर के अनुरूप स्टार दर्जा प्राप्त निर्यातकों को इस तरह का प्रोत्साहन देश के निर्यात की रफ्तार बढाने में मददगार साबित हो सकता है। सरकार को इस तरह की स्कीमों के अलावा स्टार दर्जा प्राप्त निर्यातकों की लागत को घटाने के उपायों पर भी ध्यान देना होगा ।

डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

Amit Dave Reporting
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