10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक मतदाता को रिझाने के लिए विधानसभा चुनाव में 11 तो लोकसभा में मिलते हैं साढ़े तीन रुपए

- लोकसभा प्रत्याशी के लिए खर्च सीमा 70 लाख है निर्धारित
less than 1 minute read
Google source verification
lok sabha elections 2019

elections

जोधपुर. चुनावी रण में प्रचार रथ पर सवार नेताजी लाखों रुपए का खर्च करते हैं। समय-समय पर निर्वाचन आयोग को इसका ब्यौरा देना होता है। निर्वाचन आयोग ने प्रचार के सभी साधनों की दरें तय कर रखी है और एक प्रत्याशी को खर्च के लिए सीमा भी दे रखी है। खास बात यह है कि प्रदेश के चुनाव यानि विधानसभा में करीब 2 से ढाई लाख मतदाताओं को रिझाने के लिए 28 लाख और लोकसभा चुनाव में करीब 19-20 लाख वोटर्स को रिझाने के लिए 70 लाख की खर्च सीमा मिलती है।

जोधपुर लोकसभा क्षेत्र का गणित
- 19 लाख 57 हजार 548 कुल मतदाता।
- 70 लाख प्रति प्रत्याशी खर्च सीमा।
- इस लिहाज से करीब 3.57 रुपए एक वोटर पर खर्च करने के लिए राशि मिलती है।

विधानसभा चुनावों का गणित
- औसत एक विधानसभा क्षेत्र में ढाई लाख तक मतदाता होते हैं।
- एक प्रत्याशी को खर्च के लिए 28 लाख की सीमा मिली थी।
- एक मतदाता को रिझाने के लिए 11.2 रुपए की राशि मिलती है। जो कि लोकसभा चुनाव से करीब तीन गुना है।

खर्च पर निगरानी रखते हैं पर्यवेक्षक
चुनाव आयोग ने खर्च पर निगरानी रखने के लिए लोकसभा क्षेत्रवार पर्यवेक्षक रखे हैं। स्टार प्रचारकों की सभााओं, वाहनों के उपयोग और खाने-पीने के खर्च की राशि भी आयोग ने निर्धारित कर रखी है।


लोकसभा चुनाव में 70 लाख खर्च सीमा है। इसके लिए समय-समय पर प्रत्याशियों को अपना लेखा-जोखा देना होता है। व्यय पर्यवेक्षक भी निगरानी के लिए आयोग की ओर से नियुक्त किए गए हैं।

डॉ. जोगाराम, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान