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फिर जोधपुर के प्रमुख चौराहों पर शुरू होंगे छोटा-बड़ा करने के प्रयोग, छह विभागों की टीम निकालेगी राह

यातायात पुलिस की ओर से चौराहों व सर्किल की डिजाइन पर सवाल खड़े किए गए। इन सर्किल के आकार व डिजाइन को यातायात में बाधक माना जा रहा है। यातायात नियंत्रण बोर्ड के समक्ष यह मुद्दा रखा गया। इस पर छह विभागों के शीर्ष अधिकारियों की टीम बनाकर रिपोर्ट मांगी गई है।
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experiments to change size of circles in jodhpur for better traffic

फिर जोधपुर के प्रमुख चौराहों पर शुरू होंगे छोटा-बड़ा करने के प्रयोग, छह विभागों की टीम निकालेगी राह

अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर के प्रमुख चौराहे एक बार फिर प्रयोगशाला बनने जा रहे हैं। पिछले 15 साल में कई प्रमुख सर्किल को छोटा-बड़ा किया गया है। इन पर लाखों रुपए भी व्यय हुए हैं। लेकिन इसके बाद भी कोई स्थाई समाधान नहीं निकला। एक बार फिर कुछ चौराहों को यातायात में बाधक माना जा रहा है। इसके लिए यातायात नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर छह विभागों को सर्वे कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

यातायात पुलिस की ओर से चौराहों व सर्किल की डिजाइन पर सवाल खड़े किए गए। इन सर्किल के आकार व डिजाइन को यातायात में बाधक माना जा रहा है। यातायात नियंत्रण बोर्ड के समक्ष यह मुद्दा रखा गया। इस पर छह विभागों के शीर्ष अधिकारियों की टीम बनाकर रिपोर्ट मांगी गई है। शहर के प्रमुख चौराहों का सर्वे कर यह कमेटी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके आधार पर यातायात नियंत्रण बोर्ड निर्णय करेगी व विभागों को काम करने के निर्देश जारी होंगे।

ये विभाग करेंगे काम
- जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से निदेशक अभियांत्रिकी को इसमें सदस्य बनाया गया है।
- सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सदस्य हैं।
- एसई राष्ट्रीय राजमार्ग खंड इसके सदस्य है।
- जिला परिवहन अधिकारी भी इस टीम का हिस्सा होंगे।
- सहायक पुलिस आयुक्त यातायात भी इस कमेटी में सदस्य है।
- नगर निगम की ओर से अधीक्षण अभियंता इसमें सदस्य है।

इन चौराहों पर पहले हो चुका प्रयोग

जालोरी गेट सर्किल - इस सर्किल पर सबसे ज्यादा प्रयोग हो चुका है। तीन बार इसे तोड़ कर पुन: बनाया गया है। कई अलग-अलग बार यातायात नियंत्रण के मॉडल भी प्रयोग हो चुके हैं। लाखों रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

आखलिया सर्किल - इस चौराहे को भी छोटा-बड़ा कर प्रयोग किए गए हैं।

5वी रोड चौराहा - यह चौराहों भी छोटा किया गया है। पहले आकार बड़ा था।

(कई अन्य सर्किल पर भी प्रयोग किए गए)

पिछले दो साल में इन चौराहों का सौंदर्यीकरण
- खेतसिंह बंगला सर्किल
- सर्किट हाउस चौराहा
- 12वी रोड चौराहा
- जलजोग सर्किल
- पावटा सर्किल (अभी काम शुरू नहीं हुआ)
- कायलाना सर्किल

इनका कहना...
यह निर्णय ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड का है। जिन इंजीनियर्स की कमेटी बनी है उनकी ओर से अभी सर्वे काम चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि किस चौराहे-सर्किल पर क्या संशोधन करने हैं।
- हरभान मीणा, सचिव, जेडीए जोधपुर