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FIRE NOC—फायर एनओसी के फेरे में अटका निर्यात

- जटिल मापदण्डों के कारण नहीं मिल रही एनओसी, उद्यमी लगा रहे चक्कर - अब नगर निगम फायर सेस की राशि बढ़ाकर भेज रहा नोटिस
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जोधपुर

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Amit Dave

Dec 19, 2020

FIRE NOC---फायर एनओसी के फेरे में अटका निर्यात

FIRE NOC---फायर एनओसी के फेरे में अटका निर्यात

जोधपुर।

जोधपुर के उद्यमियों को फायर एनओसी लेने के लिए नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे है । विभाग की जटिल प्रक्रिया के चलते कई वर्षो तक उद्यमियों को फायर एनओसी लेने का इंतजार करना पड़ रहा है । जिनके पास पहले से एनओसी है उन्हें रिन्यु करवाने के लिए भी विभाग ने वर्तमान में 5 गुना से अधिक फीस बढ़ोतरी कर दी है । ऐसे में कोविड काल में उद्यमियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है ।हैण्डीक्राफ्ट सहित अन्य इकाइयों में आगजनी के हालात से निपटने व रोकथाम से संबंधित फायर फाइटिंग उपकरण आदि होने की पुष्टि होने पर ही सोशल ऑडिट में इकाइयों को सही माना जाता है। सोशल ऑडिट में सही पाए जाने की पुष्टि होने पर ही विदेशी बाइंग हाउस व बड़े बायर्स यहां के निर्यातकों को ऑर्डर्स देते है ।

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प्रभावित होती है सोशल ऑडिट

निर्यातकों के अनुसार, फायर एनओसी के लिए कई बार निगम में सम्बंधित दस्तावेज एवं फीस जमा करवाने के बाद भी समय पर एनओसी जारी नहीं होती है। फायर एनओसी के लिए जटिल मापदण्ड व जटिल प्रक्रिया से निर्यातकों को महिनों चक्कर काटने पड़ रहे है। इसका सीधा प्रभाव इकाइयों में होने वाली सोशल ऑडिट व निर्यात ऑर्डर्स पर पड़ता है।

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सबसे ज्यादा आगजनी हैण्डीक्राफ्ट इकाइयों में

स्टील, टैक्सटाइल, ग्वागम आदि की तुलना में हैण्डीक्राफ्ट इकाइयों में आगजनी की घटनाएं ज्यादा होती है। इन इकाइयों में सुरक्षा खामियों व लापरवाही की वजह से वुडन मैटेरियल के उपयोग करने, उससे निकलने वाले बुरादे, पॉलिश मैटेरियल, पैकिंग मैटेरियल तथा इकाइयों के कच्चे पक्के शेड्स की वजह से आग तेजी के साथ फैलती है। पिछले कुछ वर्षो में औद्योगिक क्षेत्र में हुई आगजनी में से सबसे ज्यादा हैण्डीक्राफ्ट्स इकाइयों में हुई है।

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हमने निगम आयुक्त से मिलकर फायर एनओसी रिन्यूअल की फीस कम करने तथा एनओसी जल्द जारी करवाने की मांग की है। हमें निगम आयुक्त से सकारात्मक आश्वासन भी मिला है।

डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन