
HANDICRAFT---ब्रिटेन में निर्यात की राह हुई कठिन
जोधपुर।
देश व जोधपुर के निर्यातकों के लिए ब्रिटेन में निर्यात की राह कठिन हो गई है। 'ब्रेक्जिटÓ (यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की प्रक्रिया ब्रेग्जिट कहलाती है) बाद अब भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रिटेन में निर्यात करने के लिए जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेंज (जीएसपी) सर्टिफिकेट की अनिवार्यता लागू हो गई है। 1 जनवरी से ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अधिकारिक रूप से अलग हो गया है। इससे भारत की यूरोप के साथ मुक्त व्यापार संधि होने के कारण यहां के निर्यातकों को यूरोप में निर्यात करने के लिए केवल एक बार ही रेक्स का रजिस्ट्रेशन करवाना होता था । अब यूरोप से अलग होने के कारण अब यहां के निर्यातकों को हर शिपमेंट के लिए जीएसपी सर्टिफि केट की जरूरत पड रही है । इससे जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जोधपुर से प्रति वर्ष करीब 3 हजार कंटेनर्स ब्रिटेन को निर्यात किए जाते है।
----
क्या है जीएसपी
जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफ रेंस (जीएसपी) विकसित देश विकासशील देशों में आर्थिक तरक्की के लिए अपने यहां बिना टेक्स सामानों का आयात करते है। अमरीका ने दुनिया के 129 देशों को यह सुविधा दी है, जहां से 4800 प्रोडक्ट्स का आयात होता है। अमरीका ने ट्रेड एक्ट 1974 के तहत 1 जनवरी 1976 को जीएसपी का गठन किया था। वर्ष 2017 में केन्द्र सरकार ने रेक्ट सर्टिफि केट जारी कर यूरोप में होने वाले निर्यात को जीएसपी मुक्त कर दिया था ।
----
एफटीए की वकालात कर रहे हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक
भारत सरकार को ब्रिटेन, अमरीका सहित अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार करार (एफटीए) के लिए प्रयास करने की निवेदन है, ताकि निर्यातक बिना जीएसपी के निर्यात कर सके व उन्हें फायदा हो सके।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
--
Updated on:
10 Feb 2021 05:46 pm
Published on:
10 Feb 2021 05:46 pm
