नम आंखों व जयकारों के बीच कैप्टन को दी विदाई


- डिगाड़ी में सैन्य क्षेत्र के पास श्मशानस्थल में चचेरे भाई ने दी मुखाग्नि
- पत्नी व मां के साथ परिजन के रूलाई फूटी

By: Jay Kumar

Updated: 14 Jan 2021, 08:00 PM IST

जोधपुर. तख्तसागर में पूर्वाभ्यास के दौरान डूबने से जान गंवाने वाले १० पैरा यूनिट के कैप्टन अंकित गुप्ता को सैनिक सम्मान के साथ जोधपुर में ही बुधवार दोपहर नम आंखों व जयकारों के बीच अंतिम विदाई दी गई। डिगाड़ी के सैन्य क्षेत्र पास स्थित श्मशानस्थल में पत्नी, माता-पिता, सास-ससुर और अन्य परिजन के बीच चचेरे भाई ने दिवंगत कैप्टन की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। एेसा करते ही पत्नी व मां की रूलाई फूट गई।

10 पैरा (स्पेशल फॉर्सेज) के कैप्टन अंकित (28 ) पुत्र अशोक कुमार गुप्ता के शव का महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। तिरंगे में लिपटे कैप्टन के पार्थिव देह को सेना के मुख्यालय ले जाया गया, जहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सैन्य ट्रक में शव रखा गया और शव यात्रा डिगाड़ी में सैन्य क्षेत्र के पास श्मशान स्थल ले जाया गया। शव यात्रा में कैप्टन की पत्नी, माता-पिता, सास-ससुर, चचेरे भाई आदि भी सेना के वाहन में शामिल थे।
श्मशानस्थल में सैनिक सम्मान से कैप्टन को अंतिम विदाई दी गई। कैप्टन अंकित के सगा भाई नहीं है। शादी भी डेढ़ माह पहले ही हुई थी। एेसे में परिजन के साथ आए चचेरे भाई ने पार्थिव देह को मुखाग्नि दी।

मुखाग्नि देते ही फूट-फूटकर रोई पत्नी व मां
सैन्य मुख्यालय में शव लाते ही परिजन के आंसू निकलने शुरू हो गए। गमगीन माहौल में श्रद्धांजलि दी गई। श्मशानस्थल में सभी परिजन ने अंतिम दर्शन किए। फिर मुखाग्नि देते ही पत्नी व मां के आंसू निकल आए। वे जोर-जोर से रोने लगी। अंत्येष्टि होने तक परिजन वहीं रहे।

देशभक्ति गानों व कैप्टन के जयकारे
सैन्य मुख्यालय से शव यात्रा निकलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हो गए। श्मशानस्थल पहुंचने तक वाहनों की कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों ने देशक्ति के गाने बजाए। भारत माता की जय व कैप्टन अंकित गुप्ता अमर रहे के जयकार लगाए गए। इससे माहौल देशभक्तिमय हो गया।

आस-पास की छतों पर सैन्यकर्मी रहे तैनात
श्मशानस्थल ही नहीं आस-पास के ऊंचे मकानों की छतों पर भी सेना ने पूरी सुरक्षा बरती। कैप्टन को अंतिम विदाई देने के लिए स्थानीय लोग छतों पर चढ़ गए थे, लेकिन सेना के जवानों ने सभी को नीचे भेज दिया।

सेना ने श्मशानस्थल को घेरा, बाहरी लोगों प्रवेश से रोका
क्षेत्रवासी भी श्मशानस्थल के बाहर एकत्रित हो गए। सुरक्षा के लिहाज के सेना ने श्मशानस्थल ही नहीं आस-पास के क्षेत्र को घेर लिया। अंत्येष्टि होने तक किसी भी बाहरी व्यक्ति को श्मशानस्थल में प्रवेश नहीं करने दिया गया।

Jay Kumar
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