
farmers facing difficulties due to agriculture department vacant posts
अमित दवे/जोधपुर. जिले में कृषि विभाग भगवान भरोसे चल रहा है। कृषि पर्यवेक्षकों के 248 स्वीकृत पद में से 179 और सहायक कृषि अधिकारियों के 44 स्वीकृत पदमें से 31 पद रिक्त हैं। यह हाल तब हैं जब जिले में 14 लाख हैक्टेयर बारानी और 4 लाख हैक्टेयर में दो फसल होती है और आबादी का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है।जिले में बेमौसम बरसात से खरीफ की मूंगफली और कपास की फसल बर्बाद होने से किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है। ऐसी ही प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान से बचने के लिए किसानों ने फसल बीमा भी करायाथा। अब आपदा की स्थिति में फ सलों को हुए नुकसान का आकलन करने वाला कोई नहीं है।
बीमा कंपनी की मौज
व्यक्तिगत क्लेम दावे की स्थिति में किसानों को फ सल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर 72 घंटे में सूचना देकर खराबे की भरपायी का दावा करना होता है। पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने या नम्बर व्यस्तता के चलते क्लेम दर्ज नहीं हो पाते। ऐसे किसान वैकल्पिक तौर पर कृषि पर्यवेक्षक को खराबे के 7 दिन में बीमा क्लेम के लिए कृषि पर्यवेक्षक या कृषि अधिकारी को लिखित सूचना दे सकते हैं। लेकिन अधिकांश पद खाली होने से किसानों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। इससे फ सल बीमा कंपनी की मौज हो रही है। किसानों को आशंका है कि फसल का बीमा कराने के बाद भी इस तकनीकी अड़चन से उनका दावा खटाई में पड़ सकता है।
पदों की स्थिति एक नजर में
सहायक कृषि अधिकारी - कृषि पर्यवेक्षक
पंचायत समिति- स्वीकृत- पदस्थापित- स्वीकृत- पदस्थापित
मंडोर -- 3 - 3 - 17 - 13
लूणी - 4 - 1 - 26 - 07
बिलाड़ा - 3 - 1 - 17 - 14
पीपाड़ - 4 - 2 - 16 - 16
भोपालगढ़ - 3 - 2 - 19 - 06
बावड़ी - 3 - 1 - 13 - 03
ओसियां - 1 - 0 - 15 - 00
तिंवरी - 3 - 0 - 11 - 01
लोहावट - 2 - 0 - 13 - 00
बापिणी - 3 - 0 - 15 - 01
देचू - 3 - 0 - 12 - 01
फलोदी - 2 - 1 - 14 - 01
बाप - 4 - 0 - 24 - 01
शेरगढ़ - 2 - 1 - 14 - 03
बालेसर - 2 - 1 - 10 - 01
सेखाला - 2 - 1 - 12 - 01
कुल - 44 - 13 - 248 - 69
इनका कहना है
यह सही है कि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारियों के पद रिक्त हैं। उपलब्ध कर्मचारियों को ही अतिरिक्त चार्ज देकर काम चला रहे हैं।
वीएस सोलंकी, उप निदेशक, कृषि विस्तार
व्यक्तिगत क्लेम के लिए कृषि पर्यवेक्षक/सहायक कृषि अधिकारी को खराबे की लिखित सूचना देने का विकल्प है। कई तहसीलों में पर्यवेक्षक नहीं है तो ओसियां, लोहावट जैसी कई तहसीलो में सभी पद खाली हैं। ऐसे में किसान सूचना किसे दें।
तुलछाराम सिंवर, आंदोलन व प्रचार प्रमुख, भारतीय किसान संघ, जोधपुर प्रान्त
Published on:
19 Nov 2019 02:12 pm
